लखनऊ / डिजिटल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मंदिर बनाने और ‘मोदी मंत्र’ के फायदे गिनाने को लेकर चर्चा में आए डॉ. राजन सिंह अब नए विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक्टिव और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने वाली प्रियंका सिंह रघुवंशी ने एक विस्तृत पोस्ट साझा कर डॉ. राजन सिंह की डिग्री, वोटर आईडी और उनके राजनीतिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। Dr. Rajan singh 1. बोर्ड भंग होने और राज्य मंत्री दर्जे पर तंज प्रियंका सिंह रघुवंशी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि जिस बोर्ड के सदस्य होने का दावा किया जा रहा था, उसे ही भंग कर दिया गया है। ऐसे में अब खुद को माननीय राज्य मंत्री बताना और मोदी मंत्र का जाप करना काम नहीं आया। 2. चुनावी हलफनामे और शिक्षा पर उठाए सवाल पोस्ट में डॉ. राजन सिंह की शैक्षणिक योग्यता (Education Qualification) पर भी सीधा निशाना साधा गया है। प्रियंका ने आरोप लगाया कि एक तरफ बड़ी-बड़ी डिग्रियों का दावा किया जाता है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग को दिए गए आधिकारिक हलफनामे में खुद को निरक्षर (अनपढ़) बताया गया है। उन्होंने कहा कि जनता के सामने दोहरा चरित्र नहीं चलना चाहिए और सच सामने आना जरूरी है। 3. 2 वोटर आईडी कार्ड और ट्रांसजेंडर आईडी का मुद्दा प्रियंका ने आरोप लगाते हुए कहा कि नियमों के अनुसार एक नागरिक का 1 ही जगह का वोटर आईडी कार्ड मान्य होता है, जबकि इनके पास 2 वोटर आईडी कार्ड होने की बात सामने आ रही है। इसके साथ ही उन्होंने ट्रांसजेंडर पहचान पत्र और नए नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी तरह की कागजी गड़बड़ी पर प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए। कानूनी कार्रवाई की चेतावनी प्रियंका रघुवंशी ने साफ किया कि उनका मकसद किसी को नीचा दिखाना नहीं है, बल्कि समाज के सामने सच्चाई रखना है। उन्होंने कहा कि छल, कपट और निजी फायदे के लिए झूठे दावे करने वालों के खिलाफ वे हमेशा आवाज उठाती रहेंगी और जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों की शिकायत प्रशासन से कर निष्पक्ष जांच की मांग भी करेंगी। “जिस बोर्ड के आप सदस्य थे, वही भंग हो चुका है; अब आप खुद को राज्य मंत्री कैसे बताएंगे? 1 व्यक्ति के पास 2 वोटर कार्ड और कागजों में अलग-अलग दावे समाज के साथ धोखा हैं। अगर प्रशासन ने निष्पक्ष जांच बिठा दी, तो पूरा सच जनता के सामने आ जाएगा।” — प्रियंका सिंह रघुवंशी यह पोस्ट सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation लखनऊ का उनाइज़ खान केस – 13 साल के बच्चे की मौत ‘हत्या’ है या ‘हादसा’?