क्या सच में BJP और प्रधानमंत्री मोदी से डर गए हैं राघव चड्ढा? आम आदमी पार्टी में मची खलबली!

नई दिल्ली ।

आम आदमी पार्टी (AAP) के अंदर इस समय एक बड़ा भूचाल आया हुआ है। कभी अरविंद केजरीवाल के सबसे खास माने जाने वाले राघव चड्ढा अब अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। हालात यह हैं कि पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है और अब खुलेआम उन पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल जो इस वक्त दिल्ली से लेकर पंजाब तक गूंज रहा है, वह यह है कि क्या राघव चड्ढा सच में BJP से डर गए हैं?

आइए समझते हैं कि आखिर ऐसा क्यों कहा जा रहा है:

1. आतिशी और बड़े नेताओं के सीधे आरोप

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और AAP की कद्दावर नेता आतिशी ने कैमरे पर आकर सीधे तौर पर कहा है कि राघव चड्ढा के मुंह में दही जम गई है। आतिशी ने पूछा है कि जब देश में गैस सिलेंडर के दाम 5 से 10 गुना तक ब्लैक में बढ़ रहे हैं और चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो राघव चड्ढा चुप क्यों हैं? आतिशी का सीधा आरोप है कि राघव चड्ढा को जेल जाने का डर सता रहा है और इसी डर से वह प्रधानमंत्री मोदी और BJP के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल पा रहे हैं।

2. मुश्किल समय में पार्टी का साथ छोड़ना

जब दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था और AAP के तमाम कार्यकर्ता सड़कों पर पुलिस की लाठियां खा रहे थे, तब राघव चड्ढा लंदन में अपनी आंख का इलाज करवा रहे थे। पार्टी के नेताओं का कहना है कि उस वक्त पार्टी ने उनका बचाव किया था, लेकिन असलियत में वह BJP की एजेंसियों के डर से विदेश में बैठे थे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कहा है कि राघव चड्ढा अब दबाव में काम कर रहे हैं और पार्टी के खिलाफ जा रहे हैं।

3. अहम मुद्दों पर किनारा करना

हाल ही में जब विपक्ष ने कुछ अहम मुद्दों को लेकर संसद से वॉकआउट किया, तो राघव चड्ढा उसमें शामिल नहीं हुए। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल चुनाव के मामले में जब विपक्ष इलेक्शन कमीशन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment Motion) ला रहा था, तो राघव चड्ढा ने उस पर साइन करने से साफ मना कर दिया।

क्या BJP में होंगे शामिल?

राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा बहुत तेज हो गई है कि राघव चड्ढा अपनी गर्दन बचाने के लिए जल्द ही BJP का दामन थाम सकते हैं। जब आतिशी से मीडिया ने पूछा कि क्या राघव चड्ढा BJP ज्वाइन करेंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि “यह उनकी मर्जी है।”

कुल मिलाकर, आम आदमी पार्टी का सीधा मैसेज यही है कि जो नेता BJP से डरेगा, वह पार्टी में नहीं टिक पाएगा। अब देखना यह है कि राघव चड्ढा इन आरोपों का क्या जवाब देते हैं और उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होता है।

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