​विदिशा।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार कृषि विभाग की तकनीकी टीम ने ग्यारसपुर विकासखंड के कई गांवों में पहुंचकर सोयाबीन और उड़द की फसलों की स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, किसानों और सोशल मीडिया से मिली शिकायतों को ध्यान में रखते हुए टीम ने ग्राम चक्कपाटनी, सुआखेड़ी, मढ़ीपुर, अटारीखेजड़ा, इमलावदा और दैहलवाड़ा का दौरा किया।

​निरीक्षण के दौरान उपसंचालक कृषि श्री सचिन जैन, जिला सलाहकार डॉ. डी. के. तिवारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री रूपेश बघेल, क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी श्री गोपाल बघेल, फसल बीमा जिला प्रबंधक श्री राघवेंद्र शर्मा तथा क्षेत्रीय प्रतिनिधि श्री दीपक लोधी उपस्थित रहे।

​खेतों में जलभराव और कीट प्रकोप से फसलें प्रभावित

​अधिकारियों ने सोमू रघुवंशी (मढ़ीपुर), रविन्द्र रघुवंशी (अटारीखेजड़ा), अरुण शर्मा (दैहलवाड़ा), ओमकार सिंह (इमलावदा), राजेश पाठक (चक्कपाटनी) और धर्मेन्द्र सिंह (सुआखेड़ी) सहित कई किसानों के खेतों का निरीक्षण किया।

​जांच में सामने आया कि कई खेतों में जलभराव के कारण फसलें प्रभावित हुई हैं। पौधों का घनत्व अधिक होने से हवा का संचार ठीक से नहीं हो पा रहा है, जिससे फलियों की संख्या कम बनी है। इसके अलावा अनियमित वर्षा और अनुकूल मौसम के चलते कीट-व्याधियों का प्रकोप बढ़ा है। समय पर खरपतवार नियंत्रण न होने और पानी भरने से पौधों की बढ़वार भी रुकी पाई गई।

​कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दी अहम सलाह

  • ​राइजोक्टोनिया एरियल ब्लाइट: पत्तियों पर पानी जैसे दाग दिखें तो तत्काल फ्लूक्सापायरोक्साड + पायरोक्लोस्ट्रोबिन (300 मिली/हेक्टेयर) या पायरोक्लोस्ट्रोबिन + एपोक्सीकोनाजोल (750 मिली/हेक्टेयर) फफूंदनाशक का छिड़काव करें।
  • ​पीला मोजेक/सोयाबीन मोजेक: रोगग्रस्त पौधों को शुरुआत में ही उखाड़कर खेत से बाहर करें। वाहक कीट (सफेद मक्खी/एफिड) की रोकथाम के लिए थायोमिथोक्सम + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन (125 मिली/हेक्टेयर), बीटासिफ्लूथ्रिन (350 मिली/हेक्टेयर) या एसिटामिप्रिड 25% + बायफेंथ्रिन 25% WG (250 ग्राम/हेक्टेयर) का छिड़काव करें। खेत में जगह-जगह पीला स्टिकी ट्रैप (Yellow Sticky Trap) जरूर लगाएं।
  • ​तम्बाकू की इल्ली: पत्ती खाने वाली इल्लियों की रोकथाम के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5% SC (150 मिली/हेक्टेयर), स्पाइनोटोरम 11.7% SC (450 मिली/हेक्टेयर) अथवा इमामेक्टिन बेंजोएट 1.9% में से किसी एक अनुशंसित कीटनाशक का प्रयोग करें।

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