अयोध्या/लखनऊ: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में हुई कथित हेराफेरी का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) पिछले 5 दिनों से अयोध्या में डेरा डाले हुए है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट के भीतर की कमियां खुलकर सामने आ रही हैं। इस बीच, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भी स्वीकार किया है कि मंदिर के चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था (Supervision) फुलप्रूफ नहीं थी और इसमें बदलाव की सख्त जरूरत है। SIT की रडार पर ट्रस्ट के पदाधिकारी और कर्मचारी लखनऊ के मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में बनी 3 सदस्यीय SIT इस घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक: अनिल मिश्रा से 4 घंटे पूछताछ: राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा से SIT ने करीब 4 घंटे तक मैराथन पूछताछ की है। व्यवस्थापक गोपाल राव से सवाल-जवाब: मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव को भी मंदिर परिसर में तलब कर वित्तीय लेन-देन और रसीदों से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए हैं। कर्मचारी के घर से कैश बरामद: जांच के दौरान मंदिर के एक कर्मचारी (लवकुश मिश्रा) के घर से भारी मात्रा में कैश बरामद होने की खबर है, जिसके बाद से करीब 9 कर्मचारी SIT की कड़ी निगरानी में हैं। नृपेंद्र मिश्रा का बड़ा बयान: ‘सिस्टम को पूरी तरह बदलने की जरूरत’ विवाद के बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने एक इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने माना कि वर्तमान में चढ़ावे को लेकर जो ‘जवाबदेही और निगरानी’ (Accountability) होनी चाहिए थी, उसमें कमियां थीं। उन्होंने कहा कि मंदिर के पूरे मैनेजमेंट सिस्टम को अब ओवरहॉल (पूरी तरह दुरुस्त) करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी किसी गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। सीएम योगी का आश्वासन: ‘15 दिन का धैर्य रखें रामभक्त’ इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान रामभक्तों को भरोसा दिलाया है। सीएम योगी ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा: “रामभक्त केवल 15 दिन का धैर्य रखें। SIT जांच कर रही है और जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।” विपक्ष हमलावर, लीगल नोटिस का दौर शुरू राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर उबाल है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये के चढ़ावे का गबन हुआ है। विपक्ष अब मंदिर के काउंटर्स की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है। वहीं, आरजेडी (RJD) सांसद सुधाकर सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट को एक लीगल नोटिस भेजकर वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर 2025-26 तक के पूरे चंदे और खर्च का ब्योरा 3 दिनों के भीतर सार्वजनिक करने की मांग की है। SIT फिलहाल मंदिर के कंप्यूटर सिस्टम, रसीद कट्टों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और बैंक खातों के रिकॉर्ड खंगाल रही है। मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक, अगले दो हफ्तों (15 दिन) के भीतर SIT अपनी फाइनल रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है, जिसके बाद कई बड़े चेहरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation राजनीति का केंद्र रहे रामलला के साथ भी ‘धोखा’? अयोध्या मंदिर में करोड़ों के दान और सोने-चांदी की हेराफेरी से मचा हड़कंप!