तेहरान/वॉशिंगटन | 10 फरवरी 2026

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों के बीच आज एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा संकेत दिया है। ईरान के परमाणु प्रमुख (Nuclear Chief) मोहम्मद इस्लामी ने मंगलवार को ऐलान किया कि उनका देश 60% संवर्धित (Enriched) यूरेनियम के भंडार को कम करने (Dilute) के लिए तैयार है। हालांकि, इसके बदले उन्होंने अमेरिका के सामने एक कड़ी शर्त भी रख दी है।

प्रतिबंध हटाने की शर्त पर बात

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने साफ किया है कि यह कदम तभी उठाया जाएगा जब अमेरिका और पश्चिमी देश ईरान पर लगे सभी कड़े आर्थिक प्रतिबंध (Sanctions) हटा लेंगे। उन्होंने कहा, “अगर वे अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करते हैं और प्रतिबंध हटाते हैं, तो हम भी 60% यूरेनियम की शुद्धता को कम करने के लिए तैयार हैं।”

क्यों अहम है 60% यूरेनियम?

विशेषज्ञों के मुताबिक, परमाणु बम बनाने के लिए यूरेनियम को 90% तक संवर्धित (Enrich) करना होता है। ईरान पहले ही 60% के स्तर तक पहुंच चुका है, जो हथियार बनाने की दहलीज के बेहद करीब है। अगर ईरान इसे ‘डायल्यूट’ करता है, तो इसका मतलब होगा कि वह परमाणु बम बनाने की प्रक्रिया से पीछे हट रहा है। इसे अमेरिका के साथ बिगड़ते रिश्तों को संभालने की एक कोशिश माना जा रहा है।

ओमान में गुप्त बातचीत के संकेत

इस बीच, खबर है कि दोनों देशों के बीच बैकडोर डिप्लोमेसी (गुप्त कूटनीति) भी चल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार अली लारीजानी आज ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि ओमान के जरिए अमेरिका और ईरान एक-दूसरे को संदेश भेज रहे हैं ताकि सीधे युद्ध की स्थिति को टाला जा सके।

अमेरिका का सख्त रुख बरकरार

भले ही ईरान ने बातचीत का प्रस्ताव दिया है, लेकिन अमेरिका अपनी सैन्य तैयारियों में कोई कमी नहीं कर रहा। अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ और कई लड़ाकू विमान अभी भी मिडिल ईस्ट में तैनात हैं। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

आगे क्या?

अब गेंद अमेरिका (ट्रंप प्रशासन) के पाले में है। अगर अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देता है, तो मिडिल ईस्ट में छाया युद्ध का खतरा टल सकता है। लेकिन अगर बातचीत विफल होती है, तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।

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