नई दिल्ली / पटना: खुशी के जश्न में हथियार लहराना और ‘हर्ष फायरिंग’ (Celebratory Firing) करना शान नहीं, बल्कि एक जानलेवा अपराध है। दिल्ली की एक अदालत ने 2018 के एक हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए बिहार के साहेबगंज से भाजपा (BJP) विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल की जेल और 25 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत का यह फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो पार्टियों में बंदूकें चमकाते हैं। आइए जानते हैं कि 2018 की उस काली रात से लेकर आज तक इस पूरे मामले में क्या-क्या हुआ। क्या थी घटना? (31 दिसंबर 2018 की वह खौफनाक रात) बात 31 दिसंबर 2018 की रात की है। दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में स्थित एक आलीशान फार्महाउस में नए साल (New Year 2019) का जश्न मनाया जा रहा था। इस पार्टी में कई रसूखदार लोग शामिल थे, जिनमें पेशे से आर्किटेक्ट डॉ. अर्चना गुप्ता भी अपने परिवार के साथ मौजूद थीं। पार्टी में शराब और संगीत के बीच अचानक विधायक राजू कुमार सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से हवा में गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इसी दौरान एक गोली सीधे डॉ. अर्चना गुप्ता के सिर में जा लगी। खून से लथपथ अर्चना को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। एक हंसता-खेलता परिवार नए साल की शुरुआत में ही तबाह हो गया। फरारी, नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई घटना के तुरंत बाद विधायक राजू सिंह मौके से फरार हो गए। वे पुलिस से बचने के लिए नेपाल भागने की फिराक में थे। दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उत्तर प्रदेश के कुशीनगर (नेपाल बॉर्डर के पास) से विधायक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस मामले में विधायक के साथ-साथ उनकी पत्नी और अन्य सहयोगियों पर भी केस दर्ज किया था। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में यह मामला सालों तक चला। गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने पाया कि विधायक की लापरवाही और कानून को हाथ में लेने की आदत ने एक बेगुनाह महिला की जान ले ली। कोर्ट का कड़ा फैसला: ₹25 लाख का मुआवजा अदालत ने विधायक राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या (IPC धारा 304 पार्ट-2) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया। सजा: 4 साल का साधारण कारावास। जुर्माना: 25 लाख रुपए। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की यह पूरी राशि मुआवजे के रूप में मृतका डॉ. अर्चना गुप्ता के पति को दी जाएगी। अन्य आरोपी: सबूतों के अभाव में कोर्ट ने विधायक की पत्नी सहित 3 अन्य लोगों को बरी कर दिया है। खतरे में विधायकी: साहेबगंज में उपचुनाव की नौबत! भारतीय कानून (जनप्रतिनिधि कानून) के मुताबिक, अगर किसी भी सांसद या विधायक को 2 साल या उससे ज्यादा की सजा होती है, तो उनकी सदन की सदस्यता तुरंत खत्म हो जाती है। ऐसे में राजू कुमार सिंह की विधायकी जाना तय माना जा रहा है। अगर ऊपरी अदालत से उन्हें राहत नहीं मिलती है, तो बिहार की साहेबगंज विधानसभा सीट पर जल्द ही उपचुनाव कराना पड़ सकता है। यह घटना हर उस नागरिक के लिए आंखें खोलने वाली है जो हथियारों को स्टेटस सिंबल मानते हैं। ऐसी जगहों से दूरी बनाएं: अगर आप किसी ऐसी पार्टी या शादी में जाते हैं जहां खुलेआम शराब के नशे में हथियार लहराए जा रहे हों या फायरिंग हो रही हो, तो तुरंत वहां से हट जाएं। आपकी सुरक्षा आपके हाथ में है। हर्ष फायरिंग शान नहीं, अपराध है: कानून सबके लिए बराबर है, चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता या विधायक क्यों न हो। जेल की सलाखें और लाखों का जुर्माना यह बताने के लिए काफी है कि कानून के हाथ बहुत लंबे हैं। जश्न मनाएं, लेकिन दूसरों की जिंदगी को खतरे में डालकर नहीं। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation भोपाल आतंकी कनेक्शन: आपके पड़ोस में रहने आया नया शख्स कितना सुरक्षित है? व्यवहार बढ़ाने से पहले इन 5 बातों को जान लें!