जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ मुख्यमंत्री (CM) भजनलाल शर्मा के काफिले के निकलने से पहले रास्ता साफ कराने की जल्दबाजी में पुलिसकर्मियों ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस की कथित धक्का-मुक्की के कारण सड़क किनारे मोमोज का ठेला लगाने वाली एक गरीब लड़की पर खौलता हुआ पानी गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। यह दर्दनाक घटना 21 June 2026 (रविवार) की शाम को जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र (रामनगरिया थाना इलाका) में हुई। घटना के बाद सोशल मीडिया और आम जनता में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित लड़की के बयानों के अनुसार, रविवार शाम को मुख्यमंत्री का काफिला जगतपुरा इलाके से गुजरने वाला था। VVIP मूवमेंट को लेकर स्थानीय पुलिस भारी दबाव में थी और सड़कों के किनारे से थड़ी-ठेले वालों को जबरन हटा रही थी। इसी दौरान रामनगरिया थाना इलाके में दो बहनें अपने मोमोज का ठेला लगा रही थीं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने वहां पहुंचकर गाली-गलौज की और ठेला हटाने के लिए चिल्लाने लगे। जब लड़कियां हड़बड़ी में अपना ठेला पीछे करने लगीं, तभी एक पुलिसकर्मी ने आव देखा न ताव और ठेले को ज़ोरदार धक्का मार दिया। धक्का लगने से ठेले पर रखा खौलते पानी का बड़ा बर्तन पलट गया और गर्म पानी सीधे एक लड़की के ऊपर गिर गया। मदद करने के बजाय मौके से भागी पुलिस इस हादसे में लड़की का शरीर काफी हद तक झुलस गया और वह दर्द से चीखने-चिल्लाने लगी। इस अमानवीय घटना के बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने घायल लड़की को अस्पताल पहुँचाने या उसकी मदद करने के बजाय, अपनी गलती छिपानी चाही और मौके से तुरंत रफूचक्कर हो गए। बाद में आस-पास के लोगों की मदद से लड़की को ऑटो के जरिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, मामला दर्ज घटना का वीडियो और खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जयपुर पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। 22 June 2026 को पीड़िता की शिकायत पर रामनगरिया थाने में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ धारा 323 (मारपीट) और 341 (गलत तरीके से रोकना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है और मामले की विभागीय जांच (Departmental Inquiry) शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने पीड़िता के मुफ्त इलाज और उचित मुआवजे का भरोसा भी दिया है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा के नाम पर आम जनता और गरीबों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation अजमेर में बड़ा हादसा: सिर्फ 2 महीने पहले बनी पानी की टंकी फटी, घटिया निर्माण की खुली पोल!