विशेष संवाददाता / नई दिल्ली लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका और संवैधानिक अधिकारों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर नए सिरे से राजनीतिक हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख ने रक्षा मंत्री और सत्तापक्ष के बयानों पर पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि जनादेश के जरिए सरकार को घेरना और बदलना विपक्ष की संवैधानिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के एक पुराने विचार का उल्लेख करते हुए पार्टी प्रवक्ता ने रेखांकित किया कि विपक्ष का बुनियादी दायित्व सरकार की नीतियों का विरोध करना, उसकी खामियों को जनता के सामने लाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए सत्ता परिवर्तन का प्रयास करना होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन तंत्र विपक्ष की इस सक्रियता को नकारात्मक दृष्टि से देखता है। रक्षा मंत्री की हालिया टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि संसदीय इतिहास में कभी भी विपक्ष ने किसी चुनी हुई सरकार के कार्यकाल को बढ़ाने या बिना विरोध के चलने देने की वकालत नहीं की है। जब भी राजनीतिक दल सड़कों पर उतरते हैं, उनका उद्देश्य जनता के मुद्दों को उठाना और आगामी चुनावों में सरकार को पराजित करना ही होता है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि आंदोलन और चुनावी मुकाबला करना किसी भी तरह से देशद्रोह की श्रेणी में नहीं आता। यदि सत्ताधारी दल को लोकतांत्रिक विरोध से असहमति है, तो उन्हें देश के संवैधानिक ढांचे पर अपनी स्पष्ट राय रखनी चाहिए। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation असम के सीएम की पत्नी के 3 विदेशी पासपोर्ट का सच क्या है? फर्जी निकले कागजात, पवन खेड़ा पर FIR दर्ज