भोपाल: राजधानी भोपाल के पिपलानी स्थित कल्पना नगर में करीब 900 मकानों की लीज नवीनीकरण और नामांतरण (Mutation) का मामला सरकारी विभागों की खींचतान के बीच अटक गया है। इस वजह से स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

2.32 करोड़ की अतिरिक्त मांग से फंसा पेंच

जानकारी के अनुसार, राज्य सहकारी आवास संघ द्वारा लीज रेंट के रूप में करीब 2.91 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं। इसके बावजूद राजस्व विभाग ने 2.32 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग रख दी है। विभागों के बीच पैसों के इस विवाद के चलते साल 2014 से ही लीज रिन्यूअल और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह बंद है।

रहवासियों को हो रहीं ये मुख्य समस्याएं

  • खरीद-बिक्री बंद: नामांतरण न होने के कारण लोग अपने मकानों को बेच या ट्रांसफर नहीं कर पा रहे हैं।
  • बैंक लोन में अड़चन: लीज और प्रॉपर्टी दस्तावेज अपडेट न होने से बैंकों से होम लोन या मॉर्गेज लोन नहीं मिल पा रहा है।
  • वारिसों के नाम नहीं चढ़ रहे: पारिवारिक संपत्ति का कानूनी हस्तांतरण रुक गया है।

धरना-प्रदर्शन की तैयारी में जुटे रहवासी

समस्या के समाधान के लिए रविवार को रहवासियों ने एक बड़ी बैठक की। ‘रहवासी संघर्ष समिति’ के प्रतिनिधि यूके अय्यर ने बताया कि वे 2014 से इस समस्या को झेल रहे हैं। समिति पहले संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मिलकर अपनी बात रखेगी। यदि जल्द ही कोई ठोस हल नहीं निकला, तो रहवासी सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

​वहीं इस पूरे मामले पर राज्य सहकारी आवास संघ के एमडी आरएस विश्वकर्मा का कहना है कि समस्या को सुलझाने के लिए राजस्व विभाग के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है।

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