नई दिल्ली: वैश्विक बाजार से एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) पूरी तरह खुल गया है। इसके खुलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है और ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। लेकिन, अगर आप इस गिरावट को देखकर यह उम्मीद लगा रहे हैं कि भारत में पेट्रोल और डीजल तुरंत सस्ता हो जाएगा, तो आपके लिए एक मायूस करने वाली खबर है। आम भारतीय ग्राहकों को इस बड़ी गिरावट का फायदा उठाने के लिए अभी कम से कम 1 से 2 महीने का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। आखिर क्यों नहीं खुश हो सकते अभी ग्राहक? समझिए इसके 2 बड़े कारण: 1. पुराना और महंगा स्टॉक: भारतीय तेल कंपनियां (जैसे IOCL, BPCL और HPCL) कई हफ्ते पहले से ही कच्चा तेल एडवांस में खरीदकर रखती हैं। वर्तमान में कंपनियों के पास जो स्टॉक और पाइपलाइन में तेल मौजूद है, वह पुरानी और महंगी दरों पर खरीदा गया है। जब तक यह पुराना स्टॉक पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक कंपनियां नए और सस्ते तेल का फायदा आम जनता को नहीं दे सकतीं। इस प्रक्रिया में कम से कम 30 से 45 दिन का समय लगता है। 2. तेल कंपनियों के पुराने घाटे की भरपाई: जब पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं, तब भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम उस अनुपात में नहीं बढ़ाए थे। इससे कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। अब जब कच्चे तेल के दाम गिरे हैं, तो तेल कंपनियां सबसे पहले अपने उस पुराने घाटे (Under-recoveries) की भरपाई करेंगी। मुनाफा कमाने और घाटा पूरा करने के बाद ही आम जनता को राहत दी जाएगी। कब तक मिल सकती है राहत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अगले 60 दिनों तक इसी तरह कम बनी रहती हैं, तो तेल कंपनियां स्थिति की समीक्षा करेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि 2 महीने बाद घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती देखने को मिल सकती है। तब तक ग्राहकों को मौजूदा दरों पर ही ईंधन खरीदना होगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation AI का असर: टेक इंडस्ट्री में 92,000 नौकरियों पर मंडराया खतरा, AI में अरबों का निवेश कर रहीं दिग्गज कंपनियां