इन्दौर :

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इन्दौर के अन्नपूर्णा क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहाँ के ऐतिहासिक और करीब 150 साल पुराने ‘बारा मट्ठा (शिव-हनुमान) मंदिर’ के 70 वर्षीय बुजुर्ग ट्रस्टी कैलाश मोदी की, मंदिर के ही एक शराबी चौकीदार ने डंडे से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। यह पूरी खौफनाक वारदात वहाँ लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसे देखकर हर कोई सन्न है।

नशे का विरोध करने पर हुआ विवाद

पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी चौकीदार मुकेश शर्मा अक्सर मंदिर परिसर में शराब पीकर आता था और अभद्र व्यवहार करता था। मंदिर की मर्यादा और पवित्रता को ध्यान में रखते हुए बुजुर्ग ट्रस्टी कैलाश मोदी इस बात का लगातार विरोध करते थे और उसे हमेशा टोकते थे। यही बात आरोपी चौकीदार को अंदर ही अंदर चुभ रही थी और वह रंजिश रखने लगा था।

दौड़ा-दौड़ा कर किए 31 वार

घटना वाले दिन सुबह करीब 5:30 बजे आरोपी मुकेश एक बार फिर अत्यधिक नशे की हालत में मंदिर पहुँचा। जब कैलाश मोदी ने उसे हमेशा की तरह समझाने और डांटने की कोशिश की, तो वह आपा खो बैठा और विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मुकेश पास में रखा एक भारी लकड़ी का डंडा उठा लाया और बुजुर्ग ट्रस्टी पर हमला कर दिया।

कैलाश मोदी अपनी जान बचाने के लिए मंदिर परिसर से बाहर दौड़ते हुए पास के गुरुद्वारे की तरफ भागे। लेकिन खून सवार आरोपी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। उसने बुजुर्ग को सड़क पर दौड़ाया और उन पर ताबड़तोड़ 31 बार डंडे से वार किए। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आने के कारण बुजुर्ग ट्रस्टी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

धार्मिक मर्यादा बचाने के लिए हिंदू दलों को समय-समय पर करना होगा मंदिरों का औचक निरीक्षण

इस वीभत्स घटना के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक स्थलों के भीतर सुरक्षा और सेवा के लिए रखे जाने वाले कर्मचारियों का चयन कैसे होता है?

राजकाज न्यूज़ का मानना है कि धर्म और मंदिर की मर्यादा सिर्फ बाहरी खतरों से नहीं, बल्कि आंतरिक बुराइयों से भी खतरे में है। अब समय आ गया है जब हिंदू संगठनों और स्थानीय हिंदू दलों को केवल बड़े विवादों या आंदोलनों का इंतजार करने के बजाय, खुद सक्रिय होना पड़ेगा।

हिंदू दलों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समय-समय पर अपने-अपने क्षेत्र के मंदिरों का औचक निरीक्षण (Surprise Check) करना होगा। संगठनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि:

1 मंदिरों में काम करने वाले सेवादारों, पुजारियों या चौकीदारों का आचरण और चरित्र कैसा है?

2 क्या मंदिर परिसर के भीतर किसी भी प्रकार का नशा, जुआ या अमर्यादित कार्य तो नहीं हो रहा?

3 क्या कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन पूरा है?

अगर कोई भी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया जाए, तो प्रबंधन पर दबाव बनाकर उसे तुरंत बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। जब तक हिंदू दल सक्रिय होकर जमीन पर इन व्यवस्थाओं की खुद निगरानी नहीं करेंगे, तब तक बुजुर्ग ट्रस्टी कैलाश मोदी जी जैसी शहादत और हमारे धार्मिक स्थलों की पवित्रता को अक्षुण्ण रख पाना मुश्किल होगा।

थाना प्रभारी का बयान और पुलिस कार्रवाई

अन्नपूर्णा थाना प्रभारी (TI) हितगोपाल यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तत्परता से कार्रवाई की और आरोपी चौकीदार मुकेश शर्मा को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जाँच जारी है।

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