दुश्मनी किनारे, इंसानियत सबसे आगे: अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना ने यूं बचाई भारतीय नाविकों की जान!

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: कहते हैं समंदर की लहरें न तो सरहदें जानती हैं और न ही देशों की आपसी दुश्मनी। कुछ ऐसा ही नजारा अरब सागर के गहरे पानी में देखने को मिला, बात है 3 मई की जहां मौत के मुंह में फंसे 6 भारतीय नाविकों के लिए पाकिस्तानी नौसेना ‘देवदूत’ बनकर सामने आई। इंटरनेशनल मैरीटाइम प्रोटोकॉल और इंसानियत की इस अनोखी मिसाल ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं।

अंधेरे समंदर में थमी सांसें, फेल हो गया सिस्टम

यह पूरा मामला मई की शुरुआत का है। ‘MV गौतम’ नाम का एक कमर्शियल मालवाहक जहाज ओमान से भारत की तरफ शान से बढ़ रहा था। जहाज पर कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें 6 भारतीय और 1 इंडोनेशियाई नाविक था। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक बीच समंदर में जहाज के जनरेटर ने दम तोड़ दिया।

देखते ही देखते पूरे जहाज की बत्ती गुल हो गई (Total Power Failure)। इसके तुरंत बाद जहाज का मुख्य इंजन भी बंद हो गया। भारी-भरकम जहाज अब समंदर की ऊंची लहरों के बीच एक बेजान खिलौने की तरह डोल रहा था। सबसे डरावनी बात यह थी कि पावर फेल होने से जहाज के बड़े कम्युनिकेशन सिस्टम ठप हो गए थे। नाविकों के पास सिर्फ एक छोटा सा पोर्टेबल वायरलेस रेडियो बचा था, जिससे वे मदद की गुहार लगा रहे थे।

मुंबई से गई एक कॉल… और हरकत में आया पाकिस्तान

जैसे ही इस संकट की खबर मुंबई स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू कोआर्डिनेशन सेंटर (MRCC) को मिली, अधिकारियों के कान खड़े हो गए। जहाज उस वक्त पाकिस्तानी समुद्री सीमा के करीब था। बिना एक पल गंवाए, मुंबई रेस्क्यू सेंटर ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत सीधे पाकिस्तानी अधिकारियों को अलर्ट भेजा।

भारत से आई इस इमरजेंसी कॉल पर पाकिस्तान ने भी गजब की फुर्ती दिखाई। पाकिस्तान नेवी और मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी ने तुरंत अपने अत्याधुनिक युद्धपोत ‘PMSS कश्मीर’ को फुल स्पीड में रवाना कर दिया।

बीच समंदर ‘PMSS कश्मीर’ का रेस्क्यू ऑपरेशन

घंटों की मशक्कत के बाद, पाकिस्तानी युद्धपोत ने लहरों में भटक रहे भारतीय जहाज ‘MV गौतम’ को ढूंढ निकाला। पाकिस्तानी नौसैनिकों ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला। जहाज पर फंसे नाविक भूख, प्यास और डर से बेहाल थे। पाकिस्तानी क्रू ने सबसे पहले उन्हें ताजा खाना, पीने का पानी और जरूरी मेडिकल मदद पहुंचाई। इसके बाद पाकिस्तानी इंजीनियर्स ने भारतीय जहाज के टेक्निकल स्टाफ की मदद की, ताकि हालात को काबू में किया जा सके।

इस बीच भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) का जहाज ‘राजरतन’ भी वहां पहुंच गया। दोनों देशों के बीच तनाव अपनी जगह है, लेकिन समंदर के सीने पर उस दिन सिर्फ और सिर्फ इंसानियत की जीत हुई।

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