नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए हालिया प्रदर्शनों और उसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज ने एक बार फिर देश में राजनीतिक बहस छेड़ दी है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से एक संदेश चर्चा में आया, जिसमें उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाले युवाओं (GenZ) के प्रति उदारता दिखाते हुए उन्हें माफ करने की बात कही। लेकिन इस बीच जमीनी स्तर पर कुछ नई चिंताएं सामने आ रही हैं। ‘अवसरवादी तत्वों’ पर युवाओं को निशाना बनाने का आरोप रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया दावों के अनुसार, इस पूरे मामले में कुछ ‘अवसरवादी नेताओं’ और अति-उत्साही समर्थकों द्वारा प्रदर्शन में शामिल युवाओं को ढूंढ-ढूंढकर निशाना बनाने, उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करने की घटनाएं सामने आई हैं। जानकारों का कहना है कि एक तरफ जहाँ देश के शीर्ष नेतृत्व ने शांति और बड़े दिल का परिचय देते हुए युवाओं को सही राह पर आने की सीख दी, वहीं दूसरी तरफ कुछ जमीनी तत्व इस मामले का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए युवाओं को प्रताड़ित कर रहे हैं। सरकारी तंत्र और नेताओं के व्यवहार पर उठे सवाल इस घटनाक्रम के बाद जनता और सोशल मीडिया पर एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि जब आम युवाओं की गलतियों पर इतनी सख्त प्रतिक्रिया दी जा रही है, तो उन नेताओं और सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई कब होगी जो आए दिन आम जनता के साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज करते हैं? आंकड़े और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो गवाह हैं कि कई बार प्रशासनिक पदों पर बैठे लोग या राजनेता मर्यादा भूल जाते हैं। ऐसे में जनता का मानना है कि नियम और आचरण की मर्यादा सबके लिए एक समान होनी चाहिए। कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं: कानूनी विशेषज्ञ इस पूरे विवाद पर कानूनी विशेषज्ञों का साफ कहना है कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन उसमें भाषा की मर्यादा बनी रहनी चाहिए। इसके साथ ही, अगर किसी ने कोई गलती की भी है, तो कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी भी आम नागरिक या राजनीतिक कार्यकर्ता को नहीं है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को दी हजारों करोड़ की सौगात, भोगापुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन