नई दिल्ली: भारतीय राजनीति के इतिहास में कई बड़े नेता आए और गए, लेकिन मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसे तोड़ पाना किसी भी राजनेता के लिए एक बड़ी चुनौती होगा। साल 2024 में लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही पीएम मोदी ने इतिहास तो रचा ही था, लेकिन अब उन्होंने शासन के प्रमुख (Head of Government) के रूप में अपने जीवन के बेहद खास 25 साल (सिल्वर जुबली) पूरे कर लिए हैं। आइए समझते हैं पीएम मोदी की इस लंबी राजनीतिक यात्रा की पूरी कहानी और उनके नाम दर्ज उन बड़े रिकॉर्ड्स को, जो उन्हें भारत के इतिहास के सबसे ताकतवर नेताओं की कतार में खड़ा करते हैं। गुजरात से दिल्ली तक: बिना किसी ब्रेक के 25 साल का सफर नरेन्द्र मोदी की इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत आज से करीब ढाई दशक पहले हुई थी। वह देश के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने जब से सत्ता की कमान संभाली है, तब से लेकर आज तक कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा: गुजरात के मुख्यमंत्री का दौर (2001 से 2014): 7 अक्टूबर 2001 को नरेन्द्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वह लगातार 3 बार गुजरात के सीएम चुने गए और लगभग 13 साल तक राज्य की कमान संभाली। देश के प्रधानमंत्री का दौर (2014 से अब तक): साल 2014 के लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर वह देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2019 और फिर 2024 में लगातार तीसरी बार देश के पीएम बने। यदि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के दोनों कार्यकालों को जोड़ दिया जाए, तो वह बिना किसी ब्रेक के 25 साल से लगातार सरकार के मुखिया बने हुए हैं। लोकतांत्रिक देशों के इतिहास में इतने लंबे समय तक बिना किसी एंटी-इंकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) के पद पर बने रहना अपने आप में एक अद्भुत रिकॉर्ड है। नेहरू के बाद लगातार 3 बार पीएम बनने वाले दूसरे नेता साल 2024 के आम चुनावों में मिली जीत ने नरेन्द्र मोदी को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के समकक्ष खड़ा कर दिया। देश के इतिहास में पंडित नेहरू के बाद नरेन्द्र मोदी ही एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्हें देश की जनता ने लगातार तीसरी बार देश का नेतृत्व सौंपने का फैसला किया। बने सबसे लंबे समय तक रहने वाले ‘पहले गैर-कांग्रेसी’ प्रधानमंत्री भारतीय राजनीति में लंबे समय तक यह माना जाता था कि सिर्फ कांग्रेस पार्टी के नेता ही देश में लंबे समय तक सरकार चला सकते हैं, लेकिन पीएम मोदी ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया। वाजपेयी जी का रिकॉर्ड तोड़ा: इससे पहले सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड भाजपा के ही अटल बिहारी वाजपेयी (6 साल 80 दिन) के नाम था। पीएम मोदी ने इस रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ दिया है। ओवरऑल लिस्ट में तीसरा स्थान: भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने की सूची में पंडित जवाहरलाल नेहरू (16 साल 286 दिन) पहले और इन्दिरा गांधी (15 साल 350 दिन) दूसरे नंबर पर हैं। नरेन्द्र मोदी अब इस सूची में तीसरे सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री बन चुके हैं, और गैर-कांग्रेसी नेताओं में उनका स्थान पहले नंबर पर है। आखिर क्या है मोदी की इस लंबी राजनीतिक सफलता का राज? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी की इस 25 साल की लंबी पारी के पीछे 3 मुख्य कारण हैं: 1 अथक परिश्रम और मजबूत नेतृत्व: मुख्यमंत्री के रूप में ‘गुजरात मॉडल’ को पेश करना और प्रधानमंत्री के रूप में ‘नेशन फर्स्ट’ की नीति पर चलना। 2 कल्याणकारी योजनाएं: सीधे जनता के बैंक खातों में पैसा पहुंचाना (DBT), मुफ्त राशन, उज्ज्वला योजना और आवास योजना जैसी जमीनी स्कीमों ने एक बड़ा और वफादार वोट बैंक तैयार किया। 3 कड़े और बड़े फैसले: आर्टिकल 370 हटाना, तीन तलाक खत्म करना, भव्य राम मंदिर का निर्माण और डिजिटल इंडिया जैसे फैसलों ने उनकी छवि को एक ‘फैसले लेने वाले नेता’ के रूप में स्थापित किया। नरेन्द्र मोदी का यह 25 साल का सफर सिर्फ एक नेता का कार्यकाल नहीं है, बल्कि यह बदलते भारत की एक लंबी कहानी है। एक संगठनकर्ता से लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर वैश्विक पटल पर भारत का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री तक का उनका यह सफर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में हमेशा के लिए स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो चुका है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation MP राज्यसभा चुनाव: क्या मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होना सही है या गलत? जानिए पूरी कानूनी कहानी इतिहास का चक्रव्यूह: जिस कांग्रेस को छोड़ ममता ने बनाई थी TMC, क्या आज उन्हीं के सिपहसालार दे रहे हैं ‘दीदी’ को दगा?