चौकीदारों के खुलासे से हड़कंप, क्या MPWLC के ‘कारिंदे’ की गिरफ्तारी से खुलेगा राज? सिलवानी /रायसेन : मध्य प्रदेश के सिलवानी में हुआ बहुचर्चित 860 क्विंटल मूंग चोरी का मामला अब एक बेहद रहस्यमयी मोड़ पर पहुंच चुका है। करीब 75 लाख रुपये से अधिक मूल्य की सरकारी मूंग के गायब होने के इस मामले में अब सीधे तौर पर अंदरूनी मिलीभगत के संकेत मिल रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल वेयरहाउस की सुरक्षा और उसकी ‘आधिकारिक चाबी’ को लेकर खड़ा हो गया है। चौकीदारों के सनसनीखेज खुलासे ने घुमाया जांच का रुख अंदरूनी सूत्रों और सुरक्षा में तैनात चौकीदारों (लखन ठाकुर और श्यामलाल ठाकुर) के बयानों ने इस पूरी चोरी की थ्योरी को बदल कर रख दिया है। चौकीदारों का आरोप है कि 25, 26 और 27 मई की रात को उन्हें जानबूझकर वेयरहाउस परिसर से दूर खेतों में भेज दिया जाता था। इस दौरान परिसर में बड़ी और छोटी गाड़ियों की आवाजाही होती थी, जिनमें माल लोड किया जा रहा था। सबसे बड़ा सवाल: अगर सुरक्षाकर्मी मौके पर नहीं थे, तो उस दौरान वेयरहाउस के ताले किसने खोले? चौकीदारों के अनुसार, वेयरहाउस के ताले कोई आम इंसान नहीं खोल सकता था। यह अधिकार और चाबी केवल अधिकृत अधिकारियों या MPWLC के अधिकृत प्रतिनिधियों के पास ही होती है। ‘चाबी’ वाले की गिरफ्तारी से ही होगा पूरा पर्दाफाश! इस पूरे मामले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट यही ‘चाबी’ है। कानून और जांच के जानकारों का मानना है कि सरकारी नियमों के मुताबिक वेयरहाउस की चाबियां किसके पास थीं और घटना वाली रात आधिकारिक रूप से चाबी लेकर कौन गया था, अगर पुलिस उस व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में ले लेती है, तो इस 75 लाख के महाघोटाले का पूरा सच सामने आ जाएगा। यह साफ है कि यह सिर्फ एक रात की चोरी नहीं है, बल्कि कई दिनों तक योजनाबद्ध तरीके से सरकारी माल को ठिकाने लगाया गया है। फिलहाल क्या कर रही है पुलिस? थाना प्रभारी संजीत परते के नेतृत्व में पुलिस की टीमें इस मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं। वेयरहाउस प्रबंधन, चौकीदारों और परिवहन से जुड़े संदिग्ध लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। लेकिन इस पूरे कांड की मुख्य कड़ी वह ‘चाबी’ और उसे संभालने वाला शख्स ही है, जिसकी तलाश अब जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी की ट्रांसफर पॉलिसी 2026, जानें कब और कैसे होंगे तबादले SPECIAL REPORT: आखिर क्यों बार-बार लाचार हो जाता है परीक्षा सिस्टम? दांव पर युवाओं का भविष्य!