भोपाल: मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी को देखते हुए ‘समग्र शिक्षक संघ म.प्र.’ ने राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में गर्मी की छुट्टियां (Summer Vacation) जून के अंतिम सप्ताह तक बढ़ाने की पुरजोर मांग की गई है।

वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 1 मई से 30 मई 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। लेकिन शिक्षक संघ का कहना है कि मौजूदा व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए सरकार को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।

संघ ने अपनी मांग के पीछे बताए ये दो मुख्य कारण:

 जनगणना कार्य में ड्यूटी: संघ के अनुसार, 1 मई से 30 मई तक की छुट्टियों के दौरान प्रदेश के लगभग 90% से ज्यादा शिक्षक भारत सरकार के महत्वपूर्ण जनगणना कार्य में लगे हुए हैं। इस राष्ट्रीय कार्य के कारण शिक्षक आराम नहीं कर पा रहे हैं और न ही अगले शैक्षणिक सत्र (2025-26) की तैयारी कर पा रहे हैं। इससे छुट्टियों का मुख्य उद्देश्य ही खत्म हो गया है।

 भीषण गर्मी और लू का प्रकोप: इस समय पूरे प्रदेश में भयानक गर्मी पड़ रही है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में तापमान 45°C से 48°C के खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है। इतनी चिलचिलाती धूप और लू में छोटे बच्चों और शिक्षकों का स्कूल आना-जाना उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदायक और जानलेवा साबित हो सकता है।

क्या है शिक्षकों की प्रमुख मांग?

छात्र और शिक्षक हित को ध्यान में रखते हुए समग्र शिक्षक संघ ने मांग की है कि:

 गर्मी की छुट्टियों को 30 मई 2026 से आगे बढ़ाकर 21 जून 2026 तक किया जाए।

 सभी स्कूलों का नियमित संचालन 22 जून 2026 से शुरू किया जाए।

पड़ोसी राज्यों का दिया हवाला

शिक्षक संघ ने अपने पत्र में यह भी बताया है कि राजस्थान सहित देश के अन्य पड़ोसी राज्यों ने भी इस भीषण गर्मी को देखते हुए छुट्टियों की अवधि बढ़ा दी है। चूंकि मध्य प्रदेश में भी हालात वैसे ही हैं, इसलिए सरकार को तुरंत इस पर फैसला लेना चाहिए।

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