भोपाल । मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश में बंपर गेहूं खरीदी जारी है, लेकिन सरकार का 100 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य अभी भी पूरा नहीं हुआ है। अगर 28 मई तक टारगेट हासिल नहीं होता है, तो तारीख आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

मध्य प्रदेश में इस साल गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी हो रही है। किसानों की अच्छी पैदावार को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से मंजूरी लेकर खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया था। सरकार ने उन किसानों को 28 मई तक अपनी उपज बेचने की मोहलत दी है, जिन्होंने 23 मई तक अपना स्लॉट बुक कर लिया है। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस तय समय में सरकार का बढ़ा हुआ लक्ष्य पूरा हो पाएगा?

क्या कहते हैं ताज़ा आंकड़े?

22 मई तक के ताज़ा आंकड़ों पर नज़र डालें, तो प्रदेश भर में अब तक लगभग 93.31 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। इसका मतलब है कि अभी भी सरकार अपने 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य से लगभग 6 से 7 लाख मीट्रिक टन दूर है।

क्या फिर बढ़ सकती है तारीख?

मौजूदा स्थिति और खरीदी की रफ्तार को देखते हुए इस बात की प्रबल संभावना बन रही है कि अगर 28 मई तक यह भारी-भरकम लक्ष्य पूरा नहीं होता है, तो सरकार खरीदी की तारीख को और आगे बढ़ा सकती है। इसके पीछे मुख्य रूप से दो कारण हैं:

• लक्ष्य पूरा करने का दबाव: सरकार हर हाल में अपने 100 लाख मीट्रिक टन के ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल करना चाहेगी।

• किसानों की परेशानियां: कई खरीदी केंद्रों पर ई-उपार्जन पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों और स्लॉट की समस्याओं के कारण किसान परेशान रहे हैं। भीड़ और कतारों के कारण अभी भी कई किसान अपना गेहूं नहीं बेच पाए हैं।

किसानों को है राहत की उम्मीद

अगर लक्ष्य पूरा नहीं होता है, तो किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार के पास तारीख को जून के पहले हफ्ते तक बढ़ाने का विकल्प खुला रहेगा। आपको बता दें कि इस साल किसानों को एमएसपी (MSP) और बोनस मिलाकर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का दाम मिल रहा है।

फिलहाल, प्रदेश भर के किसानों और खरीदी केंद्रों की नज़रें 28 मई के आंकड़ों पर टिकी हैं। अगर लक्ष्य अधूरा रहा, तो जल्द ही तारीख बढ़ाने का नया आदेश जारी हो सकता है।

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