असम चुनाव: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पर पत्नी की विदेशी संपत्ति छिपाने का आरोप, जानिए क्या है पूरा विवाद

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक बड़े चुनावी विवाद में घिर गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने उन पर अपने चुनाव हलफनामे (Affidavit) में अपनी पत्नी की विदेशी संपत्ति और पासपोर्ट की जानकारी छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, सीएम सरमा ने इन सभी दावों को पूरी तरह से फर्जी और राजनीति से प्रेरित बताया है।

क्या हैं कांग्रेस के बड़े आरोप?

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर कई दावे किए:

• विदेशी पासपोर्ट: कांग्रेस का दावा है कि सीएम की पत्नी के पास 3 अलग-अलग देशों (UAE, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र) के पासपोर्ट हैं। भारत में दोहरी नागरिकता गैरकानूनी है।

• विदेशी संपत्ति: यह भी आरोप लगाया गया है कि उनकी पत्नी के नाम पर दुबई में 2 संपत्तियां और अमेरिका में 1 कंपनी मौजूद है।

• जानकारी छिपाना: कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग को दी गई जानकारी में इन विदेशी संपत्तियों का जिक्र नहीं किया गया है, इसलिए नियमों के तहत सीएम का नामांकन रद्द होना चाहिए।

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का पलटवार

मुख्यमंत्री ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कांग्रेस पर पलटवार किया है:

• सीएम सरमा ने कहा कि कांग्रेस द्वारा दिखाए गए सभी कागज पूरी तरह से फर्जी हैं और उन्हें कंप्यूटर से एडिट किया गया है।

• उन्होंने कांग्रेस के दस्तावेजों में कई तकनीकी गलतियां भी निकालीं, जैसे नाम की स्पेलिंग गलत होना और फर्जी QR कोड का इस्तेमाल।

• सीएम की पत्नी ने इन झूठे आरोपों के खिलाफ FIR दर्ज करा दी है। वहीं, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर मानहानि (Defamation) का केस करने की भी घोषणा की है।

क्या जा सकती है सीएम की कुर्सी?

चुनाव आयोग के नियमों (Representation of the People Act) के अनुसार, अगर कोई उम्मीदवार चुनाव आयोग को अपनी या अपने परिवार की संपत्ति के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी देता है या कुछ छिपाता है, तो यह एक गंभीर अपराध है। आरोप साबित होने पर चुनाव रद्द किया जा सकता है।

हालांकि, वर्तमान में यह मामला सिर्फ आरोपों तक ही सीमित है। जब तक चुनाव आयोग या कोर्ट की जांच में यह साबित नहीं हो जाता कि कांग्रेस के दस्तावेज असली हैं और जानकारी जानबूझकर छिपाई गई है, तब तक सीएम सरमा के चुनाव पर कोई सीधा कानूनी खतरा नहीं है। फिलहाल, दोनों पार्टियों के बीच यह मामला एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है।

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