क्या ट्रम्प अब अकेले पढ़ते जा रहे हैं?

• ट्रंप ने 7 बड़े देशों से मांगी थी मदद।

• ब्रिटेन, जापान और जर्मनी ने किया साफ इनकार।

• मध्य पूर्व के तनाव में अकेला पड़ा अमेरिका।

ईरान के साथ चल रहे भारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। ट्रंप ने दुनिया के 7 बड़े देशों से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में अपने युद्धपोत (warships) भेजने की मांग की थी, लेकिन किसी भी देश ने उनका साथ देने से मना कर दिया है।

क्यों मांगी थी ट्रंप ने मदद?

डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि जो देश खाड़ी के देशों से सबसे ज्यादा तेल खरीदते हैं, उन्हें उस समुद्री रास्ते की सुरक्षा खुद करनी चाहिए। इसी के चलते उन्होंने ब्रिटेन, चीन, जापान, फ्रांस, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से अपनी नौसेना भेजने को कहा था। इसके अलावा नाटो (NATO) सहयोगियों पर भी दबाव बनाया गया था।

किन देशों ने किया इनकार?

ट्रंप की इस मांग का दुनिया भर में कड़ा विरोध हुआ है और कई देशों ने पीछे हटने का फैसला किया है:

• ब्रिटेन और जापान: इन दोनों बड़े देशों ने साफ कर दिया है कि वे वहां अपनी सेना नहीं भेजेंगे।

• जर्मनी: जर्मनी के रक्षा मंत्री ने तो सीधा कह दिया कि “यह हमारा युद्ध नहीं है।”

• ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया ने भी अपने जहाज भेजने से साफ इनकार कर दिया है।

इसके अलावा इटली, ग्रीस और पूरे यूरोपीय संघ (EU) ने भी इस सैन्य गठबंधन का हिस्सा बनने से मना कर दिया है। चीन और फ्रांस जैसे देशों ने भी अब तक मदद का कोई ठोस वादा नहीं किया है।

आगे क्या ?

अभी तक एक भी देश अमेरिका के साथ मजबूती से खड़ा नहीं हुआ है। इससे यह बात साफ हो गई है कि ईरान के साथ इस तनाव में अमेरिका फिलहाल बिल्कुल अकेला पड़ गया है। अब यह देखना होगा कि ट्रंप इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं और इसका दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल के दामों पर क्या असर पड़ता है।

error: Content is protected !!