स्थान: रायसेन (मध्य प्रदेश) दिनांक: 07 मार्च 2026 मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक अत्यंत संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ऐतिहासिक रायसेन किले में रमजान के महीने में समय बताने के लिए चलाई जाने वाली पारंपरिक तोप का दुरुपयोग कर कुछ युवकों ने एक भड़काऊ रील (वीडियो) बनाई है। इस वीडियो में युवकों ने तोप के इस्तेमाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ईरान युद्ध से जोड़ते हुए भ्रामक और विवादित संदेश प्रसारित किया है, जिसके बाद प्रशासन और आम जनमानस में भारी आक्रोश है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायसेन किले में दशकों पुरानी परंपरा के तहत रमजान माह में सहरी (सुबह) और इफ्तार (शाम) का समय बताने के लिए एक छोटी तोप दागी जाती है, जिसे स्थानीय बोलचाल में ‘सिप्पा’ कहा जाता है। इस ऐतिहासिक और धार्मिक रस्म के निर्वहन के लिए स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा हर साल बाकायदा अस्थायी अनुमति प्रदान की जाती है। आरोप है कि 06 मार्च 2026 को कुछ युवकों ने प्रशासन द्वारा दी गई इस छूट का अनुचित लाभ उठाया। उन्होंने तोप दागने की इस सामान्य प्रक्रिया का एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर एक विवादित स्वरूप में पेश किया। ईरान युद्ध से जोड़कर बनाया गया भड़काऊ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में युवकों ने तोप के गोलों की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय तनाव और विशेष रूप से ‘ईरान युद्ध’ के समर्थन से जोड़ दिया। धार्मिक आस्था से जुड़ी एक स्थानीय परंपरा को वैश्विक युद्ध और भड़काऊ मानसिकता से जोड़ने के इस कृत्य ने तुरंत ही तूल पकड़ लिया। सामाजिक संगठनों में भारी रोष और कार्रवाई की मांग वीडियो के संज्ञान में आते ही विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है। मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो समेत कई प्रमुख लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि प्रशासन ने यह अनुमति केवल एक शांतिपूर्ण धार्मिक परंपरा के लिए दी थी। इस अनुमति की आड़ में अंतरराष्ट्रीय युद्ध का महिमामंडन करना और भड़काऊ सामग्री फैलाना एक गंभीर अपराध है। संगठनों ने रायसेन पुलिस और जिला प्रशासन से तत्काल प्रभाव से यह मांग की है कि: • वीडियो में दिखाई दे रहे और इसे प्रसारित करने वाले सभी युवकों की तुरंत पहचान की जाए। • धार्मिक आयोजन की आड़ में भड़काऊ और युद्ध समर्थक संदेश फैलाने के आरोप में उनके खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। • भविष्य में इस प्रकार की अनुमति देते समय कड़ी शर्तें लागू की जाएं ताकि ऐतिहासिक धरोहरों और परंपराओं का दुरुपयोग न हो सके। वर्तमान स्थिति इस घटना के बाद से पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए हैं। साइबर सेल की मदद से वायरल रील की जांच की जा रही है और संबंधित युवकों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation दमोह में सनसनीखेज वारदात: 10वीं की परीक्षा देकर निकले छात्र की दिनदहाड़े चाकू घोंपकर निर्मम हत्या रायसेन ‘रमजान तोप’ विवाद में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4 गिरफ्तार; प्रियंक कानूनगो ने प्रशासन को थमाया नोटिस