दमोह/मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शुक्रवार को एक बेहद हृदयविदारक और चिंताजनक घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का अंतिम पेपर देकर स्कूल से बाहर निकल रहे एक 15 वर्षीय छात्र की कुछ अन्य छात्रों ने चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। शिक्षा के मंदिर के ठीक बाहर हुई इस दिनदहाड़े वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है और कानून व्यवस्था के साथ-साथ किशोरों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घात लगाए बैठे थे हमलावर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक घटना मलैया मिल स्थित ओजस्विनी स्कूल के मुख्य द्वार के बाहर घटी। मृतक छात्र की पहचान 15 वर्षीय ऋषि अहिरवार के रूप में हुई है। शुक्रवार दोपहर को जैसे ही ऋषि अपनी परीक्षा समाप्त कर स्कूल गेट से बाहर निकला, वहां पहले से घात लगाए बैठे तीन से अधिक छात्रों (जिनमें उसके कुछ सहपाठी भी शामिल बताए जा रहे हैं) ने उसे घेर लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने ऋषि पर चाकुओं से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।

अत्यधिक रक्तस्राव से गई जान

हमले के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और हमलावर मौके से भाग निकले। खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल छात्र को स्थानीय लोगों की मदद से आनन-फानन में जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती किया। मेडिकल टीम ने छात्र का जीवन बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन शरीर पर गहरे घाव होने और अत्यधिक रक्तस्राव (खून बह जाने) के कारण इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

पुराना विवाद बना हत्या का कारण

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) एचआर पांडे भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। पुलिस की प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर यह बात सामने आई है कि इस जानलेवा हमले के पीछे छात्रों के बीच चल रहा कोई ‘पुराना विवाद’ था, जिसने इतनी भयानक शक्ल ले ली।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित रूप से घेराबंदी की और हत्या की इस वारदात में शामिल सभी आरोपी छात्रों को हिरासत में (राउंड अप) ले लिया है। पुलिस अब आरोपियों से सघन पूछताछ कर रही है ताकि हत्या की पूरी साजिश और हथियार के स्रोत का पता लगाया जा सके। वहीं, घटना की संवेदनशीलता के मद्देनजर तहसीलदार और जिला शिक्षा अधिकारी ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मृतक के परिजनों को सांत्वना दी।

दहशत में शहर और उठते सवाल

परीक्षा केंद्र के बाहर हुई इस खूनी वारदात के बाद से ही अन्य छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है। इस घटना ने समाज को यह सोचने पर विवश कर दिया है कि आखिर स्कूली बच्चों के हाथों में कलम की जगह घातक हथियार कैसे पहुंच रहे हैं।

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