ढाका:पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में पिछले डेढ़ साल से चल रही राजनीतिक अनिश्चितता के बादल अब छंट गए हैं। 18 महीने की अंतरिम सरकार के बाद, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। यह न केवल बांग्लादेश की राजनीति के लिए बल्कि दक्षिण एशिया के कूटनीतिक समीकरणों के लिए भी एक ऐतिहासिक दिन है। ढाका में संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों ने भी कार्यभार संभाला। गौरतलब है कि अगस्त 2024 में भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता डॉ. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया था। इस दौरान तारिक रहमान लंदन में निर्वासित जीवन (Exile) जी रहे थे, लेकिन देश में उनकी पार्टी BNP की पकड़ मजबूत बनी रही। भारत के लिए इसके क्या मायने हैं? शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ढाका पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुभकामना संदेश नई सरकार को सौंपा। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि शेख हसीना के जाने के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में जो ठंडापन आया था, उसे दूर करने के लिए यह एक नई शुरुआत हो सकती है। भारत के लिए सुरक्षा, सीमा विवाद और व्यापारिक रिश्ते प्राथमिकता में रहेंगे। • तारिक रहमान पिछले 17 वर्षों से लंदन में रह रहे थे। • बीएनपी (BNP) ने चुनावों में प्रचंड बहुमत हासिल किया है। • नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती चरमराती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation पेरिस से दिल्ली तक दोस्ती की नई मिसाल, मैक्रों और मोदी करेंगे ‘इन्वेस्टमेंट के नए युग’ की शुरुआत डोनाल्ड ट्रंप के वो 5 विवादित बयान, जिन्होंने भारत में मचा दी खलबली: क्या है पूरा सच?