सिक्किम एवलांच: बर्फीले तूफान में भारतीय सेना का जवान शहीद गंगटोक ।सिक्किम: सिक्किम के ऊंचे इलाकों में प्रकृति ने एक बार फिर अपना खतरनाक रूप दिखाया है। 29 मार्च 2026 को आए एक भयानक बर्फीले तूफान (एवलांच) में भारतीय सेना के एक बहादुर जवान ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। खराब मौसम को देखते हुए पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पेट्रोलिंग के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, यह दुखद हादसा सिक्किम के लाचुंग और बॉर्डर से लगे ऊंचाई वाले इलाकों में हुआ। 19 कुमाऊं रेजीमेंट के लांस नायक विकास कुमार अपनी टीम के साथ सीमा पर गश्त (पेट्रोलिंग) कर रहे थे। तभी अचानक पहाड़ से बर्फ का एक बड़ा तूफान आ गया और वे इसकी चपेट में आ गए। नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई शहीद लांस नायक विकास कुमार मूल रूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले थे। 3 अप्रैल 2026 को जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके परिवार और गांव वालों ने अपने वीर लाल को अंतिम विदाई दी। सिक्किम में मौसम का हाल और प्रशासन का अलर्ट इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और सेना पूरी तरह से सतर्क है। हालांकि, किसी आम नागरिक या टूरिस्ट के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर कई कड़े कदम उठाए गए हैं: • रास्ते बंद: नाथुला पास और चांगू लेक जैसे मशहूर टूरिस्ट पॉइंट पर जाने वाले रास्ते भारी बर्फबारी के कारण बंद कर दिए गए हैं। • अलर्ट जारी: आपदा प्रबंधन विभाग ने 3500 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले सभी इलाकों में लोगों के जाने पर रोक लगा दी है और हाई अलर्ट जारी किया है। • टूरिस्ट के लिए सलाह: सभी पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की जानकारी पर नजर रखें और सुरक्षित जगहों पर ही रहें। देश इस वीर जवान की शहादत को हमेशा याद रखेगा। इतनी कड़ाके की ठंड और खराब मौसम के बीच हमारे जवान जिस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर सीमाओं की रक्षा करते हैं, वह पूरे देश के लिए गर्व की बात है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation ईरान का काला आसमान और सिसकती इंसानियत