रायसेन ।मध्य प्रदेश : त्योहारों के सीजन में मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए रायसेन जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को शहर की दुकानों और रेस्टोरेंटों पर औचक छापेमारी की।

छापेमारी में सामने आई बड़ी गड़बड़ी:

 ब्रांडेड नाम से मिलता-जुलता नकली घी: शहर के ‘मोक्षी किराना’ स्टोर पर प्रसिद्ध ब्रांड ‘गोवर्धन घी’ से मिलते-जुलते नाम ‘गौरी धन’ का घी बेचा जा रहा था। मिलावट की आशंका होने पर टीम ने मौके से 9.5 लीटर घी (अनुमानित मूल्य 5700 रुपये) जब्त कर उसकी बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी है।

 बटर की जगह परोसा जा रहा था ‘फैट स्प्रेड’: होटलों और ढाबों में असली मक्खन (बटर) की जगह सस्ते फैट स्प्रेड (बटर मिल्क से बना प्रोडक्ट) के इस्तेमाल की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके तहत ‘आनंद फैमिली रेस्टोरेंट’ से फैट स्प्रेड का सैंपल लिया गया।

खाद्य विभाग ने दोनों जगहों से सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेज दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट आते ही संबंधित विक्रेताओं पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सतर्कता:

 पैकेट का नाम और स्पेलिंग ध्यान से देखें: मिलते-जुलते नाम वाले नकली या लोकल ब्रांड से बचें।

 सस्ता होने के झांसे में न आएं: अत्यधिक कम कीमत पर मिलने वाले घी या मक्खन में मिलावट हो सकती है।

 FSSAI मार्क और सील जरूर जांचें: किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट अवश्य चेक करें।

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