सांची ।रायसेन । मध्य प्रदेश :

हाल ही में रायसेन में हुए ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ में जिले को एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात मिली है। 13 अप्रैल 2026 को मेले के समापन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रायसेन के लिए रिंग रोड (पूर्वी बायपास) बनाने की मंजूरी दे दी है। इस घोषणा के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि इस बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने से स्थानीय विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी का राजनीतिक कद रायसेन में और भी बड़ा हो जाएगा।

मंच से उठी मांग और मिली तुरंत मंजूरी

इस कृषि मेले में डॉ. प्रभुराम चौधरी ने जनता की इस पुरानी मांग को मजबूती से उठाया था। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी विधायक की इस मांग का समर्थन किया और नितिन गडकरी के सामने इसे रखा। इसका नतीजा यह हुआ कि गडकरी जी ने मंच से ही इसकी DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने और राज्य सरकार को जमीन अधिग्रहण शुरू करने के निर्देश दे दिए।

डॉ. प्रभुराम चौधरी का कद क्यों बढ़ेगा?

• सालों पुरानी समस्या का हल: रायसेन शहर में भारी ट्रैफिक और जाम एक बहुत बड़ी समस्या रही है। रिंग रोड बनने से शहर को बड़े और भारी वाहनों के ट्रैफिक से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा। जनता सालों से इसकी मांग कर रही थी।

• विकास पुरुष की छवि: अगर यह प्रोजेक्ट जल्द धरातल पर उतरता है, तो इसका सीधा श्रेय डॉ. प्रभुराम चौधरी को जाएगा। इससे उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनेगी जो बड़े काम और बड़े प्रोजेक्ट अपने क्षेत्र में लाने की ताकत रखता है।

• जनता का सीधा जुड़ाव: सड़क और ट्रैफिक सीधे तौर पर आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं। शहरवासियों को जब जाम से राहत मिलेगी, तो विधायक के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत होगा।

• दिग्गज नेताओं का साथ: मंच पर जिस तरह से शिवराज सिंह चौहान ने विधायक की मांग को आगे बढ़ाया और गडकरी जी ने उसे तुरंत मान लिया, उससे यह भी संदेश गया है कि केंद्र और राज्य के शीर्ष नेताओं के बीच डॉ. चौधरी की अच्छी पकड़ है।

आगे क्या होगा?

अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि राज्य सरकार कितनी जल्दी जमीन अधिग्रहण का काम पूरा करती है। अगर अगले चुनावों से पहले इस रिंग रोड का काम दिखने लगता है, तो यह रायसेन की राजनीति में एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा और डॉ. प्रभुराम चौधरी को इसका सीधा राजनीतिक फायदा मिलेगा।

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