सिलवानी के सांदीपनि स्कूल का ताला कब खुलेगा? रायसेन। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के स्तर को सुधारने और छात्रों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए प्रदेशभर में ‘शासकीय सांदीपनि विद्यालय’ भवनों का लोकार्पण किया जा रहा है। इसी आधार पर रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पवार ने सांची और गैरतगंज में नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवनों का भव्य उद्घाटन किया। इन दोनों क्षेत्रों के छात्रों को अब नए और सर्वसुविधायुक्त परिसरों की सौगात मिल चुकी है, लेकिन इसी जिले का एक दूसरा पहलू प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सिलवानी में बदहाल स्थिति: छोटी बिल्डिंग में बैठने को मजबूर छात्र एक तरफ जहाँ सांची और गैरतगंज में नए भवनों का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं सिलवानी में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। सिलवानी में संचालित सांदीपनि विद्यालय (CM Rise) के छात्र लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं और क्लासरूम की कमी से जूझ रहे हैं। स्कूल की पुरानी बिल्डिंग बेहद छोटी है, जिसके कारण कक्षाएं लगाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। कमरों के अभाव में बच्चे सही तरीके से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनके भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है। भवन तैयार, फिर उद्घाटन का इंतजार क्यों? स्थानीय सूत्रों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि सिलवानी में भी नए सांदीपनि विद्यालय का भवन बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। जब बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और छात्र पुरानी, तंग जगह में परेशान हो रहे हैं, तो प्रशासन इसे शुरू करने में देरी क्यों कर रहा है? जनता अब यह सवाल उठा रही है कि आखिर सिलवानी के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किसके इंतजार में अटका हुआ है? जनता और अभिभावकों की मांग एक ही जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिख रहा यह दोहरा रवैया अब चर्चा का विषय बन गया है। अभिभावकों और स्थानीय निवासियों की मांग है कि सिलवानी के बच्चों की परेशानी को देखते हुए राजनीति और औपचारिकताओं को किनारे रखकर, नवनिर्मित भवन को तुरंत छात्रों के लिए खोल दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें भी सांची और गैरतगंज की तरह बेहतर माहौल में पढ़ने का अधिकार मिल सके। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation क्या होता है FCRA कानून? आसान शब्दों में समझें क्यों विदेशों से आने वाले चंदे पर रहती है सरकार की पैनी नजर मध्यप्रदेश सरकार का किसानों के हक में बड़ा फैसला, मूंग खरीदी की सीमा 25% से बढ़ाकर 60% की; ई-टोकन व्यवस्था स्थगित