ढाका / नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से ठप पड़ी यात्री ट्रेन सेवाओं को एक बार फिर बहाल करने की तैयारी की जा रही है। ढाका में दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों के बीच 2 दिन की उच्च स्तरीय बैठक शुरू हो रही है, जिसमें तीनों प्रमुख यात्री ट्रेनों—मैत्री एक्सप्रेस, बंधन एक्सप्रेस और मिताली एक्सप्रेस—को दोबारा चलाने पर अंतिम विचार किया जाएगा। यदि दोनों देशों के बीच सहमति बन जाती है, तो ये सभी ट्रेनें अगले महीने से दोबारा पटरी पर दौड़ती नजर आ सकती हैं। इसके अलावा बैठक में बांग्लादेश की ओर से राजशाही से कोलकाता के बीच एक नई यात्री ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। क्यों बंद की गई थीं ये ट्रेन सेवाएं? भारत और बांग्लादेश के बीच चलने वाली इन तीनों ट्रेनों को जुलाई 2024 में अचानक रोक दिया गया था: जुलाई 2024 की हिंसा: बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर छात्रों का उग्र आंदोलन शुरू हुआ, जिसने बाद में भारी हिंसा और आगजनी का रूप ले लिया। सुरक्षा संकट: सुरक्षा जोखिम को देखते हुए भारतीय रेलवे और बांग्लादेश रेलवे ने मिलकर 19 जुलाई 2024 के आसपास सभी यात्री सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। तख्तापलट के बाद तनाव: अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के जाने के बाद बनी अंतरिम सरकार और सीमा पर सुरक्षा चिंताओं के कारण इन यात्री ट्रेनों का संचालन बहाल नहीं हो सका। हालांकि, दोनों देशों के बीच मालगाड़ियों (Freight Trains) की आवाजाही जारी रखी गई थी। कब और क्यों शुरू हुई थीं ये ट्रेनें? साल 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच कई रेल मार्ग पूरी तरह बंद थे। दोनों देशों के रिश्ते सुधारने और आम जनता की सहूलियत के लिए इन्हें अलग-अलग समय पर शुरू किया गया था: 1. मैत्री एक्सप्रेस (Maitree Express): शुरुआत: 14 अप्रैल 2008 (बंगाली नववर्ष पर)। रूट: कोलकाता (चितपुर) से ढाका कैंटोनमेंट। मकसद: दोनों देशों के बीच 43 साल बाद सीधा रेल संपर्क बहाल करना, जिससे इलाज, व्यापार और रिश्तेदारों से मिलने आने-जाने वाले लोगों को सस्ता और सुरक्षित सफर मिल सके। 2. बंधन एक्सप्रेस (Bandhan Express): शुरुआत: 9 नवंबर 2017। रूट: कोलकाता से खुलना। मकसद: दक्षिण-पश्चिमी बांग्लादेश को पश्चिम बंगाल से सीधे जोड़ना, ताकि व्यापारिक आवागमन को रफ्तार मिल सके। 3. मिताली एक्सप्रेस (Mitali Express): शुरुआत: 1 जून 2022 (नियमित परिचालन)। रूट: न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) से ढाका कैंटोनमेंट। मकसद: पूर्वोत्तर भारत और उत्तर बंगाल (दार्जिलिंग, सिक्किम) के पर्यटन को बांग्लादेश के यात्रियों के लिए सीधे जोड़ना। बैठक में इन बातों पर भी हो सकती है चर्चा: पद्मा ब्रिज रूट: ढाका और कोलकाता के बीच चलने वाली ट्रेन को नए पद्मा ब्रिज रूट से चलाने पर विचार हो सकता है, जिससे यात्रा के समय में 2 से 3 घंटे की कमी आएगी। नई ट्रेन की मांग: बांग्लादेश के राजशाही शहर से कोलकाता के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। मंजूरी के बाद टिकटिंग: तकनीकी बैठक के बाद दोनों देशों के विदेश और गृह मंत्रालयों से हरी झंडी मिलते ही टिकट बुकिंग शुरू कर दी जाएगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation पीएम नरेंद्र मोदी का किर्गिस्तान दौरा: बिश्केक में हुआ भव्य स्वागत, द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार को नई दिशा देने पर जोर अमेरिकी संसद में भारत के खिलाफ 100% टैरिफ बिल पास: 17 सितंबर की टाइमिंग पर उठे सवाल, क्या पीएम मोदी के जन्मदिन पर दबाव बनाने की कूटनीति?