मध्य प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली की विशेष MP-MLA कोर्ट ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 25 साल पुराने एक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाले में दोषी ठहराया है। कोर्ट के सख्त आदेश के बाद 1 अप्रैल 2026 को उन्हें सीधे तिहाड़ जेल भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला आज का नहीं, बल्कि साल 1998 का है। उस वक्त राजेंद्र भारती दतिया के ‘जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक’ के अध्यक्ष हुआ करते थे। 24 अगस्त 1998 को उनकी मां ने इसी बैंक में 10 लाख रुपये की एक FD करवाई थी। शुरुआत में यह FD केवल 3 साल के लिए थी, जिस पर बैंक की तरफ से 13.50% का भारी ब्याज दिया जा रहा था।

कैसे किया गया फर्जीवाड़ा?

जांच में सामने आया कि राजेंद्र भारती ने अपने अध्यक्ष पद का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने बैंक के ही एक कर्मचारी के साथ मिलीभगत करके बैंक के लेजर बुक और रसीदों में हेराफेरी की।

इस फर्जीवाड़े के जरिए उन्होंने अपनी मां की FD की समय सीमा को पहले 3 साल से बढ़ाकर 10 साल किया, और बाद में उसे 15 साल कर दिया। इसका सीधा सा मकसद यह था कि लंबे समय तक 13.50% के मोटे ब्याज का फायदा उठाया जा सके। इस हेराफेरी के कारण बैंक को हर साल लगभग 1.35 लाख रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ा।

कोर्ट का फैसला और आगे क्या?

लंबे समय तक चले इस केस में अब दिल्ली की कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। पक्के सबूतों के आधार पर कोर्ट ने विधायक राजेंद्र भारती और उस बैंक कर्मचारी को IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 और 120(B) (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी माना है।

फिलहाल दोनों को दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। अब सबकी नजरें 2 अप्रैल 2026 पर टिकी हैं, जब कोर्ट इस बात का ऐलान करेगा कि इन दोषियों को कितने साल की सजा काटनी होगी।

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