वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों में एक बार फिर बड़ा और अचानक बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके पुराने टैरिफ प्लान को खारिज किए जाने के बाद, ट्रंप ने 24 घंटे के भीतर ही अपना फैसला बदलते हुए दुनियाभर से आने वाले सभी आयातों पर 15% का नया ग्लोबल टैरिफ (अस्थायी सरचार्ज) लगाने की घोषणा कर दी है। मैंने नीचे मौजूद सारी जानकारी को आज की एकदम ताज़ा और पुख्ता ख़बरों के आधार पर आपके लिए एक नए आर्टिकल के रूप में लिखा है: सुप्रीम कोर्ट का झटका और ट्रंप का पलटवार • कोर्ट का फैसला: 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप द्वारा पहले लगाए गए व्यापक (स्वीपिंग) टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया था। • बढ़ा हुआ टैरिफ: इस फैसले से नाराज ट्रंप ने पहले 10% ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया और फिर शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर इसे बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया। • नया नियम कब से लागू: यह 15 प्रतिशत का नया आयात शुल्क 24 फरवरी 2026 से लागू होगा और फिलहाल 150 दिनों के लिए एक ‘अस्थायी सरचार्ज’ के रूप में प्रभावी रहेगा। भारत के लिए क्या है इसका अर्थ? हालाँकि यह कदम आक्रामक लग रहा है, लेकिन आर्थिक जानकारों और मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह भारत के लिए चिंता का विषय नहीं है, बल्कि एक तरह से राहत की खबर है: • राहत का गणित: पहले ट्रंप प्रशासन भारत पर 25% तक का रेसिप्रोकल (पारस्परिक) टैरिफ लगाने की तैयारी में था या 18% पर किसी व्यापार समझौते की चर्चा थी। अब इन सब की जगह 15% का समान ग्लोबल टैरिफ लगेगा। • निर्यातकों को फायदा: मार्केट एक्सपर्ट्स (जैसे हेलिओस कैपिटल के समीर अरोड़ा) का मानना है कि इस 15% टैरिफ से भारतीय अर्थव्यवस्था को कोई खास नुकसान नहीं होगा। बल्कि 25% के डर के मुकाबले अब भारतीय सामान (जैसे स्टील, ऑटो पार्ट्स और टेक्सटाइल) अमेरिकी बाजार में अपेक्षाकृत सस्ता पड़ेगा, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। • सरकार की नजर: भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार अमेरिका के इस नए फैसले और भारतीय निर्यातकों पर पड़ने वाले इसके संभावित प्रभावों का बारीकी से अध्ययन कर रही है। कुल मिलाकर, ट्रंप का यह ‘टैरिफ बम’ भारत के लिए उम्मीद से कम नुकसानदेह साबित हो रहा है। हालाँकि, 150 दिनों की इस अस्थायी अवधि के बाद नीतियां क्या मोड़ लेंगी, यह अभी अनिश्चित है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation अमेरिका में राजनीतिक भूचाल: सुप्रीम कोर्ट ने पलटा ट्रंप का टैरिफ फैसला, राष्ट्रपति ने बताया ‘शर्मनाक’ अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध का खतरा: भारत सरकार की अर्जेंट एडवाइजरी, ‘तुरंत छोड़ें ईरान’