टोक्यो :जापान में एक बार फिर कुदरत का बड़ा कहर देखने को मिला है। जापान के उत्तरी हिस्से में स्थित इवाते (Iwate) प्रांत में 24-25 जून 2026 की सुबह बेहद शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.2 मापी गई है। भूकंप इतना जोरदार था कि इसके झटके राजधानी टोक्यो समेत देश के एक बड़े हिस्से में महसूस किए गए।

भूकंप के बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग डर के मारे अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

जब लोग काम पर निकल रहे थे, तब आया भूकंप

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 07:30 बजे आया। यह वह समय होता है जब लोग अपने दफ्तरों, स्कूलों और काम के लिए घरों से बाहर निकल रहे होते हैं। भूकंप का केंद्र इवाते प्रांत के तट के पास जमीन से लगभग 40 से 50 किलोमीटर की गहराई में था। तेज झटके महसूस होते ही बुलेट ट्रेनों (Shinkansen) को तुरंत रोक दिया गया।

1 ही दिन में महसूस हुए कई झटके (Aftershocks)

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य भूकंप आने के बाद भी इलाके में छोटे-छोटे कई झटके (Aftershocks) महसूस किए गए। यही वजह रही कि लोगों को लगा कि 1 ही दिन में 2 से 3 बार बड़ा भूकंप आया है। प्रशासन ने लोगों को अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी है।

क्या जापान में आएगी सुनामी?

भूकंप की तीव्रता 7.2 होने के कारण तुरंत सुनामी का खतरा मंडराने लगा था। हालांकि, जापान सरकार और मौसम विज्ञान एजेंसी ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है। समुद्र के जलस्तर में कोई असामान्य बदलाव नहीं देखा गया है, जो कि एक बहुत बड़ी राहत की बात है।

न्यूक्लियर पावर प्लांट्स और नुकसान की स्थिति

परमाणु केंद्र सुरक्षित: भूकंप के तुरंत बाद जापान के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की जांच की गई। गनीमत यह रही कि एओमोरी और आसपास के प्रांतों में स्थित सभी न्यूक्लियर पावर प्लांट्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और वहां किसी भी तरह की रेडियोधर्मिता (Radiation) का रिसाव नहीं हुआ है।

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