भोपाल प्रदेश सरकार के ‘जन विश्वास कार्यक्रम’ के तहत शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और जमीनी हकीकत परखने के लिए अधिकारियों का दौरा जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल ने निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले के शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डॉ. गोयल ने औपचारिकताओं से हटकर सीधे कक्षाओं में प्रवेश किया और बच्चों के साथ ज़मीन/बेंच पर बैठकर पढ़ाई का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्य विषयों पर सवाल पूछे और उनके जवाब जानकर खुशी जताई।

शिक्षकों से बातचीत करते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का माध्यम हैं। उन्होंने शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए मुख्य सुझाव दिए:

 गतिविधि आधारित शिक्षण: रटने के बजाय गतिविधियों के माध्यम से सिखाने पर ज़ोर दें।

 व्यक्तिगत ध्यान: प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता अलग होती है, इसलिए हर बच्चे पर ध्यान दें।

 बुनियादी ज्ञान: बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान (FLN) को और मजबूत बनाएं।

निरीक्षण के दौरान स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्वच्छता, मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal), पुस्तक वितरण और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की भी बारीकी से समीक्षा की गई।

क्या है ‘जन विश्वास कार्यक्रम’?

प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है।

 जमीनी हकीकत की जांच: कागजी आंकड़ों के बजाय अधिकारी खुद गांवों और जिलों में जाकर स्कूलों, आंगनवाड़ियों और अस्पतालों का औचक निरीक्षण करते हैं।

 मौके पर समाधान: IAS और राज्य सेवा के वरिष्ठ अधिकारी सीधे नागरिकों, छात्रों और कर्मचारियों से बात करते हैं और समस्याओं का तुरंत निराकरण करते हैं।

 जवाबदेही: सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक सही तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना इस अभियान की प्राथमिकता है।

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