तेहरान । ईरान: आज 31 मार्च हो चुकी है और अमेरिका की तरफ से ऐसी कोई निंदा या माफी नहीं आई है। • ईरान की अमेरिका को दी गई 30 मार्च दोपहर 12 बजे की मोहलत खत्म हो चुकी है। • अमेरिका ने ईरानी विश्वविद्यालयों पर हुए हमले की कोई निंदा नहीं की है। • मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में मौजूद अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर हमले का खतरा बढ़ा, हाई अलर्ट जारी। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने अमेरिका को 30 मार्च दोपहर 12 बजे तक की मोहलत दी थी, जो अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। ईरान की मांग थी कि अमेरिका ईरानी विश्वविद्यालयों पर हुए हालिया हमलों की आधिकारिक रूप से निंदा करे। क्या थी ईरान की चेतावनी? ईरान का सीधा आरोप है कि उसकी ‘ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ और एक अन्य विश्वविद्यालय पर जो बमबारी हुई है, उसके पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ है। इसी को लेकर ईरान ने अल्टीमेटम दिया था कि अगर अमेरिका इस हमले की निंदा नहीं करता है, तो ईरान भी चुप नहीं बैठेगा। ईरान ने साफ कहा था कि वह मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी विश्वविद्यालयों को अपना निशाना बनाएगा। अमेरिका का क्या रुख रहा? अमेरिकी सरकार ने ईरान की इस मोहलत और चेतावनी को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। अमेरिका ने झुकने के बजाय अपना आक्रामक रवैया बरकरार रखा है। अमेरिकी प्रशासन का साफ कहना है कि अगर ईरान ने किसी भी अमेरिकी संस्थान या नागरिकों पर हमला किया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वह सीधे ईरान के पावर प्लांट्स और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला कर सकता है। अब आगे क्या हो सकता है? मोहलत खत्म होने के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर टिकी हैं। दोनों देशों के बीच युद्ध किसी भी समय और भड़क सकता है: • अमेरिकी परिसरों पर खतरा: कतर, यूएई (UAE) और लेबनान जैसे देशों में जहां भी अमेरिकी विश्वविद्यालय या परिसर हैं, वहां हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। • छात्रों और कर्मचारियों को चेतावनी: अमेरिकी परिसरों में काम करने वाले लोगों और छात्रों को कैंपस से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। • सैन्य कार्रवाई की आशंका: ईरान की सेना अब किसी भी वक्त ड्रोन या मिसाइल के जरिए जवाबी कार्रवाई कर सकती है, जिसके बाद हालात पूरी तरह से बेकाबू हो सकते हैं। फिलहाल मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और अगले 24 से 48 घंटे इस युद्ध के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता, क्या सरकार को टेकने पड़ेंगे घुटने? अमेरिका-ईरान तनाव: क्या Google और दूसरी टेक कंपनियों पर होगा ईरान का अगला हमला?