नई दिल्ली/वॉशिंगटन दुनिया की नज़रें एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिक गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को परमाणु समझौते (Nuclear Deal) को लेकर एक सख्त “अल्टीमेटम” दे दिया है। व्हाइट हाउस से आए ताज़ा बयानों ने मिडिल ईस्ट में कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी है। 30 दिन का अल्टीमेटम: “हस्ताक्षर करो या भुगतो” राष्ट्रपति ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान अगले 30 दिनों के भीतर परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता है, तो इसके परिणाम “बेहद दर्दनाक” (Very Traumatic) होंगे। जानकारों का मानना है कि ट्रम्प का इशारा कड़े आर्थिक प्रतिबंधों या सीमित सैन्य कार्रवाई की तरफ हो सकता है। ट्रम्प ने पिछले साल (जून 2025) में ईरान के परमाणु ठिकानों पर की गई अमेरिकी कार्रवाई “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” की याद दिलाते हुए कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा के लिए इतिहास दोहराने से पीछे नहीं हटेगा। इजरायल का रुख: “सिर्फ बम नहीं, मिसाइलें भी रुकें” इस तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस यात्रा ने मामले को और गर्मा दिया है। नेतन्याहू ने ट्रम्प प्रशासन से स्पष्ट कहा है कि किसी भी नए समझौते में ईरान की केवल परमाणु क्षमता को ही नहीं, बल्कि उनकी बैलिस्टिक मिसाइलों और क्षेत्रीय प्रॉक्सी गुटों (जैसे हिजबुल्लाह और हमास) को भी शामिल किया जाना चाहिए। इजरायल को डर है कि एक कमजोर डील ईरान को और खतरनाक बना देगी। समंदर में बढ़ती फौज और AI की जंग धमकाते हुए बयानों के बीच ज़मीनी हालात भी बदल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका मिडिल ईस्ट में दबाव बनाने के लिए अपना दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करने पर विचार कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। हाल ही में तेहरान द्वारा जारी एक AI-जनरेटेड वीडियो में अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाते हुए दिखाया गया था, जिसे रक्षा विशेषज्ञ एक “मनोवैज्ञानिक युद्ध” (Psychological Warfare) का हिस्सा मान रहे हैं। आगे क्या होगा? अगले एक महीने की अवधि (Deadline) बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। दुनिया भर के कूटनीतिज्ञ (Diplomats) इस कोशिश में लगे हैं कि बातचीत की मेज पर कोई रास्ता निकले, लेकिन ट्रम्प के तीखे तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब और इंतज़ार करने के मूड में नहीं है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation बांग्लादेश में नई सत्ता: क्या BNP की वापसी से बढ़ेंगी भारत की मुश्किलें? जानिए पूरा विश्लेषण बाजार में ‘ब्लैक फ्राइडे’: सेंसेक्स 1048 अंक धड़ाम, निवेशकों के लाखों करोड़ स्वाहा; IT शेयरों में मची भगदड़