देश भर में LPG गैस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। एक तरफ लोग गैस न मिलने की शिकायत कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार का साफ कहना है कि देश में गैस का पर्याप्त भंडार है। तो आखिर सच क्या है? हमारी इस खास न्यूज़ रिपोर्ट में जानिए इस पूरी समस्या की जड़। असली किल्लत नहीं, ‘डर’ बढ़ा रहा है समस्या सरकारी आंकड़ों और गैस एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, घरों में इस्तेमाल होने वाली गैस (Domestic LPG) की देश में कोई कमी नहीं है। बाजार में जो किल्लत दिखाई दे रही है, उसकी सबसे बड़ी वजह लोगों द्वारा की जा रही जमाखोरी (Hoarding) और घबराहट में की गई बुकिंग (Panic Booking) है। इसे आसान बातों में ऐसे समझें: • अफवाह और डर: अंतरराष्ट्रीय युद्ध की खबरों के कारण लोगों में यह डर बैठ गया है कि आने वाले दिनों में गैस बिल्कुल नहीं मिलेगी। • घरों में गैस जमा करना: इस डर से लोग अपने खाली सिलेंडर तुरंत बुक कर रहे हैं। कई लोग तो जुगाड़ लगाकर घर में 2 से 3 सिलेंडर एडवांस में जमा करके रख रहे हैं, जिनकी उन्हें अभी कोई जरूरत नहीं है। • सिस्टम पर अचानक दबाव: जब लाखों लोग एक साथ एडवांस गैस बुक करने लगे, तो गैस एजेंसियों के डिलीवरी सिस्टम पर अचानक भारी दबाव आ गया। इसी वजह से जो गैस 1 या 2 दिन में आ जाती थी, अब उसे पहुंचने में 5 से 8 दिन लग रहे हैं। जमाखोरी रोकने के लिए सरकार का एक्शन अगर लोग अपने घरों में सिलेंडर जमा करना बंद कर दें, तो डिलीवरी आज ही नॉर्मल हो सकती है। इसी जमाखोरी और घबराहट वाली बुकिंग को रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े हैं: • अब कोई भी ग्राहक 25 दिनों से पहले अपना दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर सकता है। • यह नियम इसलिए लाया गया है ताकि गैस सिर्फ उसी परिवार को मिले जिसका सिलेंडर सच में खत्म हो गया है, न कि उसे जो घर में स्टॉक जमा कर रहा है। होटल और रेस्टोरेंट का क्या है सच? सरकार ने घरेलू गैस की सप्लाई को बिना रुके चालू रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सारा फोकस आम घरों पर कर दिया गया है, जिसकी वजह से कमर्शियल गैस (जो होटलों में इस्तेमाल होती है) की सप्लाई में भारी कटौती की गई है। इसलिए, बाहर होटलों और रेस्टोरेंट में जो गैस का संकट दिख रहा है, वह बिल्कुल असली है। सरकार का दावा बिल्कुल सही है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। अगर आम जनता डरना बंद कर दे और जरूरत के हिसाब से ही गैस बुक करे, तो यह ‘नकली किल्लत’ तुरंत खत्म हो जाएगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation भारत ने ऊर्जा संकट से जूझ रहे बांग्लादेश को भेजा 5,000 टन डीजल सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: महिलाओं के लिए ‘पीरियड लीव’ अनिवार्य नहीं, कहा- कानून बना तो छिन सकती हैं नौकरियां!