ईंटखेड़ी में जुटने वाली जमातों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, ट्रैफिक और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन ने कसी कमर; रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर लगेंगी हेल्प डेस्क। भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी में हर साल आयोजित होने वाला विश्व प्रसिद्ध आलमी तब्लीगी इज्तिमा इस वर्ष 4 दिसंबर से 7 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। देश-विदेश से आने वाली जमातों की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। गुरुवार को संभागायुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भोपाल आईजी श्री शैलेंद्र सिंह चौहान, कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त श्रीमती संस्कृति जैन, इज्तिमा समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। मिनट-टू-मिनट एक्शन प्लान से होंगे काम संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इज्तिमा स्थल पर सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि इज्तिमा स्थल के लिए एक ‘मिनट-टू-मिनट’ एक्शन प्लान तैयार किया जाए और सभी विभाग उसी के अनुसार कार्य करें। संभागायुक्त ने अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर विकास और व्यवस्था कार्यों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क आईजी श्री शैलेंद्र सिंह चौहान ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए कि इज्तिमा स्थल और आसपास के पूरे इलाके में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। भीड़ नियंत्रण और सुचारू यातायात प्रबंधन के लिए ट्रैफिक पुलिस विशेष रणनीति बनाए, ताकि आम जनता और बाहर से आने वाले लोगों को जाम का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही बाहर से आने वाली जमातों की सहूलियत के लिए भोपाल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड्स पर विशेष ‘हेल्प डेस्क’ स्थापित की जाएंगी। बिजली, पानी और खाने की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी बैठक में तय किया गया कि सुरक्षा मानकों से किसी तरह का समझौता नहीं होगा: इलेक्ट्रिकल सेफ्टी: पूरे परिसर में बिजली के तारों, खंभों और इंस्टॉलेशन की काम पूरा होने से पहले और बाद में तकनीकी जांच की जाएगी। फूड एंड वाटर टेस्टिंग: फूड सेफ्टी टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाद्य पदार्थों और पीने के पानी की शुद्धता की लगातार जांच करें। स्वास्थ्य सेवाएं: मेडिकल टीमों को 24 घंटे मुस्तैद रहने और किसी भी आपात स्थिति में न्यूनतम रिस्पॉन्स टाइम (कम से कम समय में मदद) सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन और इज्तिमा समिति के बीच बेहतर तालमेल के लिए वालंटियर्स की सूची तैयार की जा रही है, जिन्हें स्थल की पूरी व्यवस्थाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे बाहर से आने वाले अकीदतमंदों को सही मार्गदर्शन दे सकें। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation शिवराज-कार्तिकेय और विधायक पर भड़के पूर्व IFS: ‘वोट बैंक का खेल… जंगल लूटने वालों के साथ खड़े हैं नेता!’ आस्था या सिर्फ दिखावा? गरबा पंडालों में मर्यादा, ‘डांडिया नाइट्स’ और फूहड़ता को लेकर सुलगते सवाल