भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने चीनी के स्टॉक और भंडारण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों का सीधा मकसद बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों पर लगाम लगाना है। नए नियमों की मुख्य बातें अधिकतम स्टॉक सीमा तय (4,000 क्विंटल): राज्य में अब कोई भी चीनी डीलर या व्यापारी 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। इस सीमा से अधिक स्टॉक पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भंडारण की समय-सीमा (अधिकतम 30 दिन): व्यापारी किसी भी स्टॉक को 30 दिन से अधिक समय तक अपने गोदामों में रोककर नहीं रख सकते। निर्धारित समय के भीतर चीनी को बाजार में बेचना अनिवार्य होगा, ताकि जमाखोरी को रोका जा सके। पोर्टल पर स्टॉक घोषणा अनिवार्य: सभी पंजीकृत डीलरों को अपने पास मौजूद चीनी के कुल स्टॉक की जानकारी सरकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। नियमित अपडेट देना जरूरी: डीलरों को पोर्टल पर स्टॉक की वास्तविक स्थिति की जानकारी समय-समय पर अपडेट करनी होगी। बिक्री और नए स्टॉक की एंट्री में किसी भी तरह की लापरवाही को नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। आम जनता और बाजार पर असर त्योहारी सीजन या मांग बढ़ने के दौरान अक्सर बड़े कारोबारी चीनी का अनावश्यक स्टॉक जमा कर लेते हैं, जिससे बाजार में कीमतें अचानक बढ़ने लगती हैं। शासन के इस फैसले से: आम उपभोक्ताओं को उचित और स्थिर दामों पर चीनी मिलेगी। बाजार में चीनी की सप्लाई चेन सुचारू बनी रहेगी। जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर पूरी तरह अंकुश लगेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों और डीलरों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation भोपाल में मिलावटखोरों की अब खैर नहीं अब मौके पर ही पकड़ा जाएगा नकली दूध, मावा और पनीर; जनता की सेहत से खिलवाड़ नामुमकिन