भोपाल: 01/09/2026 मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के युवाओं और उच्च तकनीकी शिक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया गया है। इस पुनर्गठन के तहत प्रदेश में 3 नए प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही नए विश्वविद्यालयों के सुचारू संचालन के लिए जरूरी प्रशासनिक व्यवस्था और कई बड़े पदों को भी स्वीकृति दे दी गई है। संभागवार बनेंगे 3 नए तकनीकी एवं कौशल विश्वविद्यालय राज्य शासन के तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश के तकनीकी संस्थानों को क्षेत्र और संभाग के आधार पर इन 3 नए विश्वविद्यालयों से जोड़ा जाएगा: मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, भोपाल: इसके क्षेत्राधिकार में भोपाल, नर्मदापुरम, चंबल और ग्वालियर संभाग शामिल होंगे। मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, उज्जैन: इसके कार्यक्षेत्र में उज्जैन और इंदौर संभाग आएंगे। महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर: इसके अंतर्गत जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को शामिल किया जाएगा। प्रशासनिक व्यवस्था और नए पदों को मिली हरी झंडी नए विश्वविद्यालयों का कामकाज बेहतर तरीके से चले, इसके लिए कैबिनेट ने प्रशासनिक पदों को भी मंजूरी दी है: प्रमुख पदों की स्वीकृति: उज्जैन और जबलपुर के विश्वविद्यालयों के लिए कुलगुरु (Vice Chancellor), कुलसचिव (Registrar), परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examination), उप कुलसचिव और वित्त अधिकारी (Finance Officer) जैसे अहम प्रशासनिक पद स्वीकृत किए गए हैं। आउटसोर्स से भरे जाएंगे अन्य पद: कार्यालयीन व्यवस्था के लिए अन्य सहायक और तकनीकी पदों को नियमानुसार आउटसोर्स के माध्यम से भरा जाएगा। स्व-वित्तीय आधार पर संचालन: दोनों नए विश्वविद्यालयों का संचालन स्व-वित्तीय (Self-Financed) मॉडल पर किया जाएगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनेगी उच्च स्तरीय समिति इन विश्वविद्यालयों की स्थापना, रूपरेखा और आगे की सभी औपचारिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के लिए मुख्य सचिव (Chief Secretary) की अध्यक्षता में ‘मध्य प्रदेश प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय साधिकार समिति’ के गठन को भी आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के तकनीकी और कौशल शिक्षा तंत्र में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों को अपने ही संभाग में बेहतर तकनीकी शिक्षा, रिसर्च और रोजगारपरक कौशल के अवसर प्राप्त होंगे। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation सफलता में विनम्रता और असफलता से सीख ही असली ताकत: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में मिलावटखोरों की अब खैर नहीं अब मौके पर ही पकड़ा जाएगा नकली दूध, मावा और पनीर; जनता की सेहत से खिलवाड़ नामुमकिन