नई दिल्ली: इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में आस्था और दिखावे के बीच की लकीर पूरी तरह धुंधली होती दिख रही है। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ‘लड्डू गोपाल’ की सेवा और भक्ति के नाम पर जिस तरह के अजीबो-गरीब वीडियो बनाए जा रहे हैं, उसने अब एक गंभीर बहस को जन्म दे दिया है। कभी स्मार्ट वॉच से धड़कन नापना, कभी अस्पताल में प्लास्टर कराने की जिद, तो कभी स्कूलों में एडमिशन कराकर रिपोर्ट कार्ड बनवाना—ये सब कुछ चंद ‘व्यूज’ और ‘फॉलोअर्स’ के लिए कैमरे पर परोसा जा रहा है। भक्ति की आड़ में कंटेंट क्रिएशन का खेल सनातन धर्म में ‘वात्सल्य भाव’ और भगवान को अपने परिवार का हिस्सा मानना सदियों पुरानी परंपरा है। सूरदास और मीराबाई जैसी महान विभूतियों ने बिना किसी कैमरे या दिखावे के इस भाव को जिया था। लेकिन आज के डिजिटल युग में कुछ इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने इस पवित्र निजी आस्था को एक सस्ता सोशल मीडिया ड्रामा बना दिया है। वैश्विक स्तर पर धर्म की छवि पर असर जब ऐसे वीडियो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया के जरिए दुनिया भर के लोगों तक पहुंचते हैं, तो सनातन धर्म के गहरे दर्शन, विज्ञान और समृद्ध परंपराओं के बजाय अंधविश्वास और अतार्किक हरकतों का प्रचार होता है। विदेशी मंचों पर सनातन के सिद्धांतों को समझे बिना लोग इसे अंधविश्वास मानकर मजाक उड़ाते हैं। 3 मुख्य कारण जो इस स्थिति को बढ़ावा दे रहे हैं: एल्गोरिदम और वायरल होने का लालच: सोशल मीडिया पर जितना अजीब और विवादित कंटेंट होगा, रीच उतनी ही ज्यादा मिलती है। इसी लालच में लोग धार्मिक मर्यादाओं को भूल जाते हैं। पारिवारिक संवाद की कमी और अकेलापन: कुछ मामलों में यह मानसिक अकेलापन भी होता है, जहां लोग असल रिश्तों की जगह पूरी तरह काल्पनिक दुनिया में जीने लगते हैं। अंधानुकरण और रील्स ट्रेंड: एक क्रिएटर के वायरल होते ही दर्जनों अन्य लोग बिना सोचे-समझे उसी ट्रेंड की नकल करने लगते हैं। जिम्मेदारी किसकी? आस्था हमेशा मन का विषय रही है, कैमरों के सामने तमाशा करने का नहीं। अगर समाज और परिवार समय रहते ऐसी हरकतों पर रोक नहीं लगाएंगे, तो कुछ लोगों की रील्स की भूख के कारण पूरी सनातन परंपरा की गरिमा पर सवाल उठते रहेंगे। धर्म का सम्मान तभी बना रह सकता है जब भक्ति में मर्यादा, विवेक और तर्क का संतुलन हो। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation Fact Check: क्या भारतीय सेना ने कुपवाड़ा के गांवों को खाली करने का आदेश दिया? जानिए वायरल दावे का सच त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर बड़ा एक्शन: भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, 114 किलो मिठाई जब्त