रांची/ झारखंड: भर्ती परीक्षाओं में धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का गुस्सा सोमवार को राजधानी रांची की सड़कों पर फूट पड़ा। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक की CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच की मांग को लेकर हजारों छात्रों ने विधानसभा घेराव के उद्देश्य से मार्च निकाला।

सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ने के प्रयास के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज, वाटर कैनन (पानी की बौछार) और आंसू गैस के गोले दागे।

 बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े छात्र: हजारों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे को तोड़कर मुख्य विधानसभा भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की।

 पुलिस की कार्रवाई: स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी चोटिल हुए।

 शहर में सुरक्षा कड़ी: विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू रही और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

किन-किन परीक्षाओं पर है विवाद और क्या हैं मांगें?

1. JSSC CGL परीक्षा: अभ्यर्थी इस परीक्षा को तुरंत रद्द करने और धांधली की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।

2. 14वीं JPSC सिविल सर्विसेज प्री (PT): OMR शीट और कट-ऑफ में गड़बड़ी के गंभीर आरोप हैं। (सरकार ने इसे और बैकलाग परीक्षाओं को रद्द करने का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्र केवल CBI जांच पर अड़े हैं)।

3. पारदर्शी चयन प्रणाली: विवादित प्राइवेट एजेंसियों को हटाने, UPSC और SSC की तर्ज पर पारदर्शी एग्जाम कैलेंडर जारी करने और सख्त कानून बनाने की मांग की जा रही है।

 जांच और इस्तीफे: सरकार ने मामले की CID जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद JPSC के अध्यक्ष और 3 सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

 सरकार का रुख: राज्य सरकार का कहना है कि उन्होंने छात्रों की 98% मांगें मान ली हैं (जैसे 14वीं JPSC रद्द करना और CID/ED जांच)। सरकार के अनुसार CGL का मामला अदालती निगरानी में होने के कारण CBI को सौंपना मुश्किल है।

 राजनीतिक घमासान: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों पर बल प्रयोग की निंदा करते हुए सरकार से बातचीत से हल निकालने की अपील की, वहीं राज्य सरकार ने विपक्ष (BJP) पर छात्रों के आंदोलन को भड़काने का आरोप लगाया है।

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