भोपाल/सीधी। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादलों (Transfers) को लेकर हलचल तेज हो गई है। विभाग ने ‘स्थानांतरण नीति 2026’ तो जारी कर दी है, लेकिन मैदानी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही के कारण पूरी प्रक्रिया में देरी हो रही है। दरअसल, ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होनी है, जिसके लिए पोर्टल तो चालू है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय-समय पर इस पर लेटेस्ट डेटा अपडेट नहीं किया जा रहा है।

पोर्टल पर जानकारी अधूरी होने की वजह से अब जिला, विकासखंड और संकुल स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है। आनन-फानन में विभागीय अधिकारी शिक्षकों से जुड़ी नई जानकारियां और डेटा पोर्टल पर दर्ज कराने में जुटे हैं ताकि ट्रांसफर के समय कोई तकनीकी गड़बड़ी न हो।

17 जून तक होंगे प्रशासनिक ट्रांसफर, इसके बाद स्वैच्छिक की बारी

विभागीय समय-सारणी के अनुसार, 17 जून तक प्रशासनिक आधार पर तबादले किए जाने हैं। इसके तुरंत बाद स्वैच्छिक (Voluntary) ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होगी। इस नीति के दायरे में प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक, व्याख्याता और हाईस्कूल-हायर सेकेंडरी के प्राचार्यों (Principals) को शामिल किया गया है।

विशेष स्कूलों के लिए अलग नियम: जिला उत्कृष्ट विद्यालय, मॉडल स्कूल, सांदीपनी विद्यालय और पीएमश्री (PM Shri) जैसे विशेष संस्थानों के ट्रांसफर के लिए अलग से विशेष प्रावधान रखे गए हैं।

मनपसंद स्कूल चुन सकेंगे शिक्षक, पर डेटा अपडेशन सबसे बड़ी चुनौती

स्वैच्छिक ट्रांसफर के पात्र शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन कर अपनी पसंद के स्कूलों को चुनने का मौका मिलेगा। खाली पदों, सीनियरिटी (वरिष्ठता), सेवा अवधि और तय नियमों के आधार पर ही पोस्टिंग दी जाएगी। लेकिन यह सब तभी पारदर्शी तरीके से हो पाएगा जब पोर्टल पर हर स्कूल का डेटा पूरी तरह सही और अपडेटेड होगा। फिलहाल, विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय रहते पोर्टल पर पूरा डेटा दर्ज कराने की ही है।

15 जून से खुल रहे स्कूल, अतिथि शिक्षक भर्ती पर भी पड़ेगा असर

15 जून से बच्चों के लिए स्कूल खुलने जा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण विभाग अभी ट्रांसफर प्रक्रिया में ही उलझा हुआ है। समय पर डेटा अपडेट न होने और ट्रांसफर में देरी का सीधा असर अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) की भर्ती पर भी पड़ने की पूरी संभावना है।

नियमों के मुताबिक, जब तक ट्रांसफर की स्थिति साफ नहीं होगी, तब तक स्कूलों में खाली पदों (Vacant Posts) का सही आंकड़ा सामने नहीं आएगा। ऐसे में अतिथि शिक्षकों की भर्ती में भी देरी होना तय है, जिसका सीधा असर नए सत्र में बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी?

इस पूरे मामले पर सीधी (Sidhi) जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पवन कुमार सिंह का कहना है कि:

“तबादलों को लेकर प्रक्रिया जारी है और वरिष्ठ अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मिले निर्देशों का पालन किया जा रहा है। पोर्टल पर पूरा डेटा दर्ज करने की प्रक्रिया फिलहाल प्रचलन में है।”

अब देखना यह होगा कि क्या लापरवाही बरतने वाले अधिकारी समय रहते पोर्टल पर पूरा डेटा अपडेट कर पाते हैं, जिससे जून के अंत तक प्रदेश के शिक्षकों के तबादलों की तस्वीर साफ हो सके।

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