विवेक सर का रोते हुए वीडियो वायरल, छात्रों ने पूछा- आंदोलन की सजा?

प्रयागराज, ब्यूरो:

संगम नगरी प्रयागराज में इस समय प्रतियोगी छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव चरम पर है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों और शिक्षकों को प्रशासन ने एक बड़ा झटका दिया है। शहर के नामचीन कोचिंग संस्थान Exampur (एग्जामपुर) समेत तीन बड़े सेंटर्स को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने सील कर दिया है।

इस कार्रवाई के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर प्रयागराज की गलियों तक एक ही बहस छिड़ी है—क्या यह वाकई नियमों का पालन है, या फिर हक की आवाज उठाने की सजा?

विरोध प्रदर्शन के ठीक बाद एक्शन, टाइमिंग पर खड़े हुए गंभीर सवाल

गौर करने वाली बात यह है कि दो दिन पहले ही एग्जामपुर के कर्ता-धर्ता विवेक कुमार (विवेक सर) की अगुवाई में हजारों छात्रों ने पेपर लीक के विरोध में एक विशाल और शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला था। इस आंदोलन ने सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े किए थे।

हैरानी की बात यह है कि इस बड़े प्रदर्शन के महज 48 घंटे के भीतर ही PDA और भारी पुलिस बल जॉर्ज टाउन इलाके में पहुंच गया और कोचिंग्स के शटर गिराकर उन पर सरकारी सील ठोक दी। छात्र इसी क्रोनोलॉजी को लेकर गुस्से में हैं।

कैमरे पर रो पड़े विवेक सर, बोले- “बच्चों का भविष्य मत बिगाड़ो”

कार्रवाई के तुरंत बाद एग्जामपुर के फाउंडर विवेक सर का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वे बेहद भावुक नजर आ रहे हैं। उन्होंने रूंधे गले से कहा:

“अगर प्रशासन को कोई दिक्कत है तो मुझे जेल भेज दे, मैं तैयार हूं। लेकिन इन मासूम बच्चों की पढ़ाई क्यों रोकी जा रही है? कुछ ही दिनों में परीक्षा है, ऐसे में कोचिंग बंद होने से हजारों गरीब छात्रों का भविष्य अधर में लटक जाएगा।”

PDA की दलील: “बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट और फायर सेफ्टी के चल रहे थे सेंटर्स”

इस पूरे विवाद पर प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कानूनी दलील दी है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, यह कोई अचानक की गई कार्रवाई नहीं है।

 प्रशासन का कहना है कि इन कोचिंग्स की इमारतों के पास भवन पूर्ण होने का प्रमाण पत्र (Completion Certificate) नहीं था।

 सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी और बेसमेंट में बिना उचित वेंटिलेशन व फायर एनओसी (Fire NOC) के क्लास चलाई जा रही थीं।

 अधिकारियों का दावा है कि पहले नोटिस दिए गए थे, और यह एक्शन केवल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

छात्रों का तीखा पलटवार: “सालों से क्यों सोया था प्रशासन?”

प्रशासन की इस दलील को छात्र पूरी तरह खारिज कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि ये कोचिंग सेंटर्स सालों से इसी जगह पर चल रहे थे। तब तक न तो PDA को कोई कमी दिखी और न ही फायर ब्रिगेड को। जैसे ही छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई, वैसे ही सारी कमियां याद आ गईं। छात्रों का आरोप है कि यह चुनिंदा कार्रवाई सिर्फ और सिर्फ डर का माहौल बनाने और आंदोलन को दबाने के लिए की गई है।

परीक्षा के मुहाने पर छात्र

फिलहाल इस सीलिंग की वजह से उन हजारों छात्रों की पढ़ाई ठप हो गई है जो आगामी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे थे। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कानूनी दांव-पेंच के बीच पिसना आखिरकार उन गरीब छात्रों को ही पड़ रहा है जो अपने सुनहरे भविष्य का सपना लेकर प्रयागराज आते हैं।

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