बीजिंग/नई दिल्ली :

सोशल मीडिया पर बिना सिर-पैर की बातें और ज्ञान बांटने वाले इन्फ्लुएंसर्स के दिन अब लद गए हैं। चीन ने इंटरनेट को साफ-सुथरा बनाने और फेक न्यूज़ पर लगाम कसने के लिए अप्रैल 2026 में अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। चीनी सरकार ने ऐसे लाखों अकाउंट रातों-रात डिलीट और बैन कर दिए हैं, जो बिना किसी असली डिग्री के लोगों को फाइनेंस, हेल्थ और एजुकेशन की सलाह दे रहे थे।

क्या है चीन का नया नियम?

चीन में सोशल मीडिया को लेकर आए इस नए भूचाल को “नो डिग्री, नो पोस्ट” (No degree, no post) का नाम दिया जा रहा है। इस नियम के तहत कई बड़ी पाबंदियां लगाई गई हैं:

• एक्सपर्ट होना ज़रूरी: अगर कोई भी व्यक्ति इंटरनेट पर डॉक्टर, वकील या फाइनेंस एडवाइजर बनकर वीडियो बनाता है, तो उसका वेरीफाई होना और उसके पास उस विषय की असली डिग्री या लाइसेंस होना अनिवार्य है।

• रईसी के दिखावे पर बैन: जो लोग सोशल मीडिया पर अपनी महंगी गाड़ियां, कैश और लग्जरी लाइफस्टाइल (Luxury Lifestyle) दिखाकर व्यूज बटोरते थे, उनके अकाउंट भी सस्पेंड कर दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इस तरह के दिखावे से युवाओं में डिप्रेशन बढ़ता है और समाज में गलत संदेश जाता है।

• फर्जी खबरों पर सीधा एक्शन: वीडियो में दी जा रही किसी भी न्यूज़ या जानकारी का सोर्स (Source) बताना अब ज़रूरी हो गया है। साथ ही, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बने वीडियो या फोटो पर साफ तौर पर चेतावनी लिखनी होगी।

कंपनियों पर भी लाखों का जुर्माना

इस कार्रवाई में न सिर्फ इन्फ्लुएंसर्स नपे हैं, बल्कि नियम तोड़ने पर Douyin (चीन का TikTok) और Bilibili जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 100000 युआन (लगभग 14000 डॉलर) तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इसके अलावा, टैक्स चोरी करने वाले कई बड़े इन्फ्लुएंसर्स पर करोड़ों का जुर्माना लगाकर उन्हें हमेशा के लिए बैन कर दिया गया है।

दुनिया भर के लिए क्या है मैसेज?

ग्लोबल पॉलिटिक्स और डिजिटल दुनिया के नजरिए से देखा जाए, तो चीन का यह कदम पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा मैसेज है। इंटरनेट पर फैल रही गलत जानकारी (Fake News) एक ग्लोबल समस्या बन चुकी है। चीन की इस कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि आने वाले समय में दुनिया के बाकी देश भी इंटरनेट और सोशल मीडिया क्रिएटर्स को लेकर ऐसे सख्त नियम ला सकते हैं।

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