भोपाल|मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक, भोपाल एम्स (AIIMS) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अस्पताल के सबसे संवेदनशील हिस्से, यानी NICU (जहां गंभीर रूप से बीमार नवजात बच्चों का इलाज होता है), वहां चूहों का आतंक देखने को मिला है।

• 25 चूहों के शव मिले: अस्पताल में पिछले 2 दिनों से पेस्ट कंट्रोल (चूहों को भगाने का अभियान) चल रहा है। इस दौरान NICU और आस-पास के अति-संवेदनशील इलाकों से करीब 25 मरे हुए चूहे निकाले जा चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वहां भर्ती छोटे बच्चों में खतरनाक संक्रमण (Infection) फैलने का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

• दवा डालने पर बाहर भागे चूहे: बताया जा रहा है कि अस्पताल की डक्ट (पाइप लाइनों वाली जगह) में चूहों ने अपना पक्का घर बना लिया था। जब सफाई और मेंटेनेंस के दौरान वहां दवा डाली गई, तो चूहे घबराकर बाहर की तरफ भागे और सीधे वार्ड, कॉरिडोर और NICU तक पहुंच गए।

• शिकायतों को दबाने का खेल: इस मामले में एक बड़ी लापरवाही यह भी सामने आई है कि अस्पताल के डॉक्टरों (फैकल्टी) ने पहले भी चूहों की शिकायत की थी। लेकिन सैनिटेशन (साफ-सफाई) विभाग ने इन शिकायतों को वहीं दबा दिया और बड़े अधिकारियों तक बात नहीं पहुंचने दी।

चूहों का वीडियो सामने आने और मामला गरमाने के बाद एम्स प्रबंधन हरकत में आ गया है:

1. सीधी शिकायत: एमएस ऑफिस ने कड़े निर्देश दिए हैं कि अब स्टाफ की सभी शिकायतें सीधे मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) के पास ही भेजी जाएंगी।

2. फॉरेंसिक रिपोर्ट की मांग: मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विकास गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विभाग से पूरी जांच रिपोर्ट मांगी है।

3. वीडियो की जांच: जो वीडियो सामने आया है, उसकी असलियत जांची जा रही है। साथ ही, सैनिटेशन सेल से भी जवाब मांगा गया है कि उन्हें चूहों की शिकायतें कब-कब मिली थीं और उन्होंने समय पर कदम क्यों नहीं उठाए।

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