भोपाल । रायसेन: मध्य प्रदेश (MP) के किसानों की चिंताएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। मौसम का मिजाज एक बार फिर डराने वाला है। जो किसान सोच रहे थे कि मौसम साफ हो गया है, उनके लिए मौसम विभाग ने एक नया अलर्ट जारी किया है। यानी किसानों के सिर से खतरा अभी टला नहीं है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के 34 जिलों में तेज हवाओं के साथ पानी गिरने और ओले गिरने की पूरी संभावना है। क्यों मंडरा रहा है यह नया खतरा? मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) अभी भी पूरी तरह से शांत नहीं हुआ है। इसके साथ ही हवाओं का रुख बार-बार बदल रहा है, जिससे मध्य प्रदेश के ऊपर फिर से घने बादल छा रहे हैं और मौसम तेजी से बदल रहा है। किन इलाकों में है सबसे ज्यादा अलर्ट? ऑरेंज अलर्ट (ओले और तेज आंधी): जबलपुर, कटनी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सतना, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी। • येलो अलर्ट (बारिश और तेज हवा): भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, मुरैना, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, इंदौर, उज्जैन और देवास। किसानों की मेहनत पर मंडरा रहा है संकट यह समय किसानी के लिए बहुत नाजुक है। खेतों में गेहूं, चना और सरसों की फसलें या तो पक कर कटने के लिए तैयार खड़ी हैं, या कटाई के बाद खलिहान में रखी हैं। अगर 50 से 60 की स्पीड से आंधी चलती है और ओले गिरते हैं, तो खड़ी फसलें जमीन पर बिछ सकती हैं। वहीं, पानी लगने से अनाज के दाने काले पड़ सकते हैं और उनकी क्वालिटी खराब हो सकती है। राजकाज न्यूज़ की किसानों से अपील: • अगर आपकी फसल कट चुकी है, तो उसे तुरंत किसी सुरक्षित जगह या गोदाम में रख लें। • खुले में रखी फसल को अच्छी तरह से मोटे तिरपाल या प्लास्टिक से ढक दें, ताकि उसमें पानी ना जाए। • आंधी-तूफान के समय खेतों में काम करने से बचें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल ना खड़े हों। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में गरजा बुलडोजर, 383 अवैध निर्माणों पर महा-एक्शन शुरू