भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किए जाने के बाद अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग के इस निर्देश के खिलाफ शासकीय शिक्षक संगठन ने अब सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। क्या है संगठन की मुख्य मांग शासकीय शिक्षक संगठन की सबसे बड़ी मांग यह है कि साल 2013 से पहले नियुक्त किए गए शिक्षामित्रों, संविदा शिक्षकों और गुरुजियों को इस पात्रता परीक्षा (TET) से पूरी तरह मुक्त रखा जाए। संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि नर्मदापुरम संभाग के अध्यक्ष राजेश पांडे के नेतृत्व में संगठन की एक टीम दिल्ली में मौजूद है। इस याचिका के कानूनी बिंदुओं को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व जज एस. के. गंगेले के मार्गदर्शन में अंतिम रूप दे दिया गया है। अब सोमवार पर टिकी हैं सबकी नजरें यह मध्य प्रदेश का पहला शिक्षक संगठन है जो इस नीति का विरोध करते हुए सीधे देश की सर्वोच्च अदालत पहुंचा है। अब प्रदेश भर के शिक्षकों की नजरें सोमवार पर टिकी हुई हैं। यदि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका को स्वीकार कर लेता है और अंतरिम राहत (Stay) दे देता है, तो विभाग की वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया पर तुरंत रोक लग सकती है। इसके साथ ही राज्य सरकार को नोटिस भी जारी किया जा सकता है। • मुद्दा: MP में 2013 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता। • कदम: शासकीय शिक्षक संगठन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका। • मांग: पुराने शिक्षकों को TET परीक्षा से छूट दी जाए। • संभावना: अगर कोर्ट से ‘स्टे’ मिलता है, तो वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया रुक सकती है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Share on Telegram (Opens in new window) Telegram Share on Threads (Opens in new window) Threads Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Post navigation MP BJP सख्त: सोशल मीडिया पर ‘चापलूस’ नेताओं की अब खैर नहीं, भ्रामक पोस्ट करने वालों पर गिरेगी गाज मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: कर्मचारियों का DA 3% बढ़ा, युवाओं के लिए नई ‘शौर्य संकल्प योजना’