हाल के दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच छिटपुट गोलीबारी अब एक बड़े सैन्य संघर्ष में बदल गई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि दोनों देशों के बीच अब ‘खुली जंग’ (Open War) शुरू हो चुकी है। विवाद की शुरुआत: 21-22 फरवरी 2026 के हवाई हमले इस ताज़ा संघर्ष की नींव 21 और 22 फरवरी 2026 को पड़ी, जब पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) ने अफगानिस्तान के नांगरहार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों में हवाई हमले किए। • पाकिस्तान का दावा: पाकिस्तान का कहना था कि उसने प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और ISIS-K के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है, जो अफगान सीमा से पाकिस्तान में हमले कर रहे थे। • अफगानिस्तान का पलटवार: अफगान तालिबान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और दावा किया कि पाकिस्तान ने नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कई निर्दोष लोग मारे गए। अफगानिस्तान की जवाबी कार्रवाई (26 फरवरी 2026) पाकिस्तान के हवाई हमलों से भड़के अफगान तालिबान ने 26 फरवरी की रात (रमजान की 9 तारीख) को डूरंड लाइन (Durand Line) के पार एक बड़ा और समन्वित सैन्य अभियान शुरू किया। • 55 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत का दावा: अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया कि उनके ‘मुजाहिदीन’ ने 4 घंटे चले इस ऑपरेशन में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। • सैन्य चौकियों पर कब्जा: तालिबान का दावा है कि उन्होंने 2 पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया और 19 सैन्य चौकियों (Military Posts) पर कब्जा कर लिया है। साथ ही, भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और सैन्य वाहन भी जब्त किए गए हैं। • ड्रोन हमले: अफगान बलों ने ड्रोन और तोपखाने का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और पेशावर के पास तक गहरे हमले किए। इस कार्रवाई में 8 अफगान सैनिकों की भी मौत हुई है। पाकिस्तान का पलटवार: ‘ऑपरेशन गज़ब लिल-हक’ (27-28 फरवरी) अफगानिस्तान के इस बड़े हमले के बाद, 27 फरवरी को पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गज़ब लिल-हक’ (Operation Ghazab Lil Haq) लॉन्च किया और अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों पर भारी बमबारी की। • काबुल और कंधार पर हमले: पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में सीधे हवाई हमले किए। काबुल में कई धमाके सुने गए और आसमान में धुएं का गुबार देखा गया। • तालिबान को भारी नुकसान का दावा: पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार और सेना के प्रवक्ताओं ने दावा किया कि इन हवाई हमलों में 133 से 274 अफगान तालिबान लड़ाके और अधिकारी मारे गए हैं और 200 से अधिक घायल हुए हैं। • आंकड़ों का खंडन: पाकिस्तान ने 55 सैनिकों के मारे जाने के अफगान दावे को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उनके केवल 2 जवान शहीद हुए हैं। राजनीतिक बयानबाज़ी और ‘खुले युद्ध’ का ऐलान • पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ: उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा, “हमारा धैर्य अब जवाब दे चुका है। आपने अफगानिस्तान को दुनिया भर के आतंकवादियों का अड्डा बना दिया है। अब हमारे और आपके बीच खुली जंग है।” • प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ: पाकिस्तानी पीएम ने सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के साथ आपात बैठक की और कहा कि पाकिस्तानी सेना किसी भी आक्रामकता को कुचलने में सक्षम है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मध्यस्थता के प्रयास इस अचानक भड़के युद्ध से पूरे दक्षिण एशिया में अस्थिरता का खतरा पैदा हो गया है: • रेड क्रॉस (Red Cross) और UN: अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने दोनों देशों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। • मध्यस्थता: कतर, तुर्की और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की है और युद्धविराम (Ceasefire) लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि 2025 में भी कतर ने दोनों के बीच संघर्ष विराम करवाया था। • चीन और अमेरिका: चीन ने शांति और कूटनीति से मसला सुलझाने की अपील की है, जबकि अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान को आतंकवाद से अपनी रक्षा करने का अधिकार है। दोनों देशों के बीच फिलहाल सीमा पर भारी तनाव है और सेनाओं का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है। डूरंड लाइन पर दोनों तरफ से तोपखाने तैनात कर दिए गए हैं। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading...