नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम एक बार फिर इतिहास गवाह बन रहा है। G20 शिखर सम्मेलन की सफलता के बाद, आज (16 फरवरी) से यहां ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ की शुरुआत हो गई है। यह दुनिया का पहला ऐसा बड़ा AI शिखर सम्मेलन है जिसकी मेजबानी ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देश) का कोई देश कर रहा है। तीन सूत्रों पर टिकी दुनिया की उम्मीदें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट की नींव तीन प्रमुख सूत्रों पर रखी है— ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ (लोग, ग्रह और प्रगति)। समिट का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिर्फ अमीरों या बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित न रखकर, उसे आम आदमी की पहुंच में लाना है। सात ‘चक्र’ बदलेंगे भविष्य की दिशा इस 5-दिवसीय महाकुंभ में चर्चाओं को 7 अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है, जिन्हें ‘चक्र’ नाम दिया गया है। इनमें सबसे अहम हैं: • सुरक्षित AI: डीपफेक और साइबर क्राइम से निपटने के लिए कड़े नियम बनाना। • समावेशी विकास: खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI का उपयोग बढ़ाना। • स्किलिंग: युवाओं को AI के दौर की नौकरियों के लिए तैयार करना। इस समिट में 20 से ज्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष और दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के CEO हिस्सा ले रहे हैं, जो यह साबित करता है कि अब टेक्नोलॉजी के नियम सिर्फ पश्चिमी देश नहीं, बल्कि भारत जैसे देश भी तय करेंगे। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading... Post navigation सावधान! बोर्ड परीक्षाओं के बीच डीजे बजाया तो जाना पड़ेगा जेल, प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश; जानें क्या है नया कानून पेरिस से दिल्ली तक दोस्ती की नई मिसाल, मैक्रों और मोदी करेंगे ‘इन्वेस्टमेंट के नए युग’ की शुरुआत