भोपाल । रायसेन:

मध्य प्रदेश सरकार ने रायसेन स्थित सोम डिस्टिलरी (Som Distillery) पर शिकंजा कसते हुए अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। लगातार विवादों और गंभीर आरोपों में घिरी इस शराब कंपनी को सरकार ने नए वित्तीय वर्ष के शराब टेंडर (Tender) प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब सोम डिस्टिलरी मध्य प्रदेश में शराब सप्लाई के लिए कोई भी सरकारी टेंडर नहीं भर पाएगी, जिससे कंपनी को करोड़ों रुपये का भारी नुकसान होना तय है।

टेंडर से बाहर क्यों किया गया?

सोम डिस्टिलरी को टेंडर प्रक्रिया से अयोग्य (Disqualified) घोषित करने के पीछे मुख्य कारण उनके लाइसेंस का रद्द होना है। हाल ही में कंपनी द्वारा फर्जी परमिट बनाकर अवैध शराब ट्रांसपोर्ट करने का मामला सामने आया था। इसके बाद आबकारी विभाग (Excise Department) ने सख्त कदम उठाते हुए कंपनी के मुख्य लाइसेंस (D1 और FL9) सस्पेंड कर दिए थे। नियमों के अनुसार, बिना मान्य (Valid) लाइसेंस के कोई भी कंपनी सरकारी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकती है। कंपनी की साख पूरी तरह गिर चुकी है, जिसके कारण सरकार ने यह कड़ा फैसला लिया है।

टेंडर से बाहर होने से पहले भी यह कंपनी लगातार कई गंभीर मामलों में फंस चुकी है

फर्जी परमिट और अवैध शराब (2026):

इसी साल कंपनी पर नकली परमिट के जरिए शराब इधर-उधर करने का आरोप सही पाया गया। इसके बाद सरकार ने लाइसेंस रद्द किए और एक आबकारी अधिकारी को भी नौकरी से निकाल दिया। हाई कोर्ट ने भी इस मामले में कंपनी को कोई राहत देने से मना कर दिया था।

बाल मजदूरी का गंभीर मामला (2024):

जून 2024 में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने फैक्ट्री में छापा मारकर 59 बच्चों को रेस्क्यू किया था। ये मासूम बच्चे केमिकल के बीच 12 से 14 घंटे काम करते थे, जिससे कई बच्चों के हाथों की चमड़ी तक जल गई थी। इस मामले में फैक्ट्री मालिकों पर FIR दर्ज हुई थी।

करोड़ों की टैक्स चोरी (2025):

सितंबर 2025 में कस्टम और सेंट्रल एक्साइज की टीम ने कंपनी के 8 ठिकानों पर छापा मारा था। इस जांच में लगभग 50 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का बड़ा मामला सामने आया था, जिसमें कंपनी को 14 करोड़ रुपये सरेंडर भी करने पड़े थे।

बाल मजदूरी से लेकर टैक्स चोरी और अब फर्जी परमिट के मामलों ने सोम डिस्टिलरी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टेंडर से बाहर होने के बाद मध्य प्रदेश के शराब बाजार में कंपनी का व्यापार अब लगभग ठप पड़ने की कगार पर है।

error: Content is protected !!