मध्य प्रदेश की ऊर्जा धानी (Energy Capital) कहे जाने वाले सिंगरौली जिले में आज एक बेहद दुखद और तनावपूर्ण घटना सामने आई है। यहाँ के एक बड़े प्राइवेट पावर प्लांट में काम करते समय एक मजदूर की ऊंचाई से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद प्लांट के अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और इलाके में भारी बवाल मच गया।

कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, 35 साल का एक मजदूर प्लांट की चिमनी के पास लगभग 50 फीट की ऊंचाई पर काम कर रहा था। तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गया। साथी मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों को जरूरी सुरक्षा उपकरण (Safety Harness और हेलमेट) नहीं दिए थे। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मजदूर ने दम तोड़ दिया।

आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस का लाठीचार्ज:

मजदूर की मौत की खबर फैलते ही प्लांट में काम कर रहे करीब 2000 से ज्यादा मजदूर काम बंद करके गेट पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में प्रदर्शन उग्र हो गया और गुस्साए लोगों ने कंपनी के दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की और बाहर खड़ी 4 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

हालात बेकाबू होते देख प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े।

मुआवजे की मांग और मौजूदा हालात:

फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और एहतियात के तौर पर प्लांट के आस-पास धारा 144 लागू कर दी गई है। मजदूर यूनियन ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी है। जिला कलेक्टर ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं और कंपनी के 2 अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

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