वाशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में भड़के भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सेना (IRGC) और पुलिस बलों को अब तक की सबसे सख्त और खुली चेतावनी दी है। अमेरिका और इजरायल के जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन के बीच ट्रंप का यह बयान इस बात का संकेत है कि अमेरिका अब इस युद्ध में किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है।

सेना को सीधा अल्टीमेटम: राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ताजा बयान में ईरानी सेना (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) और पुलिस को तत्काल प्रभाव से अपने हथियार डालने का कड़ा निर्देश दिया है।

• ‘निश्चित मौत’ का खौफ: वाशिंगटन से जारी इस चेतावनी में स्पष्ट किया गया है कि जो भी ईरानी सैनिक या कमांडर सरेंडर करने से इनकार करेगा और लड़ाई जारी रखेगा, उसे “निश्चित मौत” का सामना करना पड़ेगा।

• बढ़ता तनाव: यह चेतावनी ऐसे संवेदनशील समय में आई है जब ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के तहत ईरान पर भारी बमबारी हो रही है और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश में नेतृत्व को लेकर उथल-पुथल मची हुई है।

क्या है इसके मायने?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह आक्रामक रुख ईरानी सेना के मनोबल को तोड़ने की एक कूटनीतिक और मनोवैज्ञानिक चाल है। अब पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान की सेना इस अल्टीमेटम के आगे घुटने टेकेगी, या ईरान की नई ‘अंतरिम नेतृत्व परिषद’ इस चुनौती का कोई और आक्रामक जवाब देगी।

error: Content is protected !!